नई दिल्ली: अगर आपके पास वक्त की कमी है और आप इंटरनेट से जुड़ी अगल-अलग साइट पर न जाकर सिर्फ एक ही साइट पर एक ही जगह आज सुबह की हलचल को जानना चाहते हैं, तो KhabarIndiaTV.Com की यह खबर आपके काम की है। जानिए आज दिन में देश और दुनिया के भीतर क्या है खास।
असम: सर्वानंद सोनोवाल का शपथ ग्रहण समारोह, शरीक होंगे PM मोदी
पूर्वोत्तर से ताल्लुक रखने वाले भाजपा के नेता सर्वानंद सोनोवाल 24 मई को बतौर असम के मुख्यमंत्री शपथ लेंगे। उनके इस समारोह को भव्य बनाने के लिए गुवाहाटी में बाकायदा रिहर्सल भी की गई। मंगलवार को यहां सोनोवाल के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कई केंद्रीय मंत्री और कई राज्यों के मुख्यमंत्री आदि भाग लेंगे।
दिल्ली में बिजली आपूर्ति के लिए केजरीवाल आवास के सामने भाजपा का विरोध प्रदर्शन
दिल्ली भाजपा दिल्ली में बिजली एवं पानी की आपूर्ति के लिए मंगलवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के आवास के सामने विरोध प्रदर्शन करेगी। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा, वास्तव में दिल्ली में बिजली और पानी का संकट बहुत दयनीय है, जबकि राज्य के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल गोवा और पंजाब में अपने राजनीतिक विस्तार में व्यस्त हैं।
उन्होंने कहा कि बिजली कटौती के अलावा शहर के वसंत विहार, ग्रेटर कैलाश-1, मौजपुर, आदर्श नगर, मटिआला, द्वाराका, करोलबाग और कनॉट प्लेस जैसे अनेक इलाकों के बिजली वोल्टेज में उतार चढ़ाव ने सभी इलेक्ट्रानिक उपकरणों को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह बिजली कटौती के कारण पश्चिमी एवं दक्षिणी दिल्ली के बाशिंदों को पानी के संकट से जूझना पड़ा। उपाध्याय ने कहा कि दिल्ली सरकार को जनता के लिए बिजली कंपनियों से पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा मंगलवार से इन मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरेगी, जबकि वह स्वयं मुख्यमंत्री केजरीवाल के आवास के सामने विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करेंगे।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का चीन दौरा मंगलवार से शुरु
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी चीन का अपना चार दिवसीय दौरा मंगलवार को ग्वांगझोऊ से शुरू करेंगे। ग्वांगझोऊ एक अत्यंत औद्योगीकृत शहर है, जिसका भारत के साथ मजबूत कारोबारी जुड़ाव है। मुखर्जी ने 2009 में विदेश मंत्री के रूप में चीन के ग्वांगदोंग प्रांत की राजधानी का दौरा किया था। राष्ट्रपति के रूप में यह चीन की उनकी पहली यात्रा है। मुखर्जी भारतीय और चीनी व्यापारियों से मुलाकात करेंगे। पर्ल नदी के किनारे स्थित ग्वांगझोऊ शहर में करीब 5000 भारतीय रहते हैं, जो मुख्यत: व्यापार से जुड़े हैं। इस शहर में कई तरह के उद्योग हैं, जिनमें जहाज निर्माण, वस्त्र और रासायनिक उद्योग भी शामिल हैं। भारत और चीन के बीच व्यापार संतुलन चीन के पक्ष में हैं, इसलिए मुखर्जी मोटे तौर पर द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को स्पर्श करेंगे।
हांगकांग और मकाऊ के निकट स्थित ग्वांगझोऊ पहला शहर है, जिसने 1978 में बाहरी दुनिया के लिए चीन के द्वार खोले जाने का लाभ उठाया। विगत 25 सालों से इस शहर की औसत विकास दर 14 प्रतिशत बनी हुई है। ग्वांगझोऊ शहर में ब्रिटिशकालीन इमारतें हैं, जो इस शहर के अफीम युद्ध में फंसने की गवाह हैं। ग्वांगझोऊ में विगत 16 वर्षो से रह रहे राजेश शाहनी ने आईएएनएस से कहा, "यह अच्छा है कि हमारे राष्ट्रपति दौरा कर रहे हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि उनके दौरे से भारतीय व्यापारियों के लिए और हितकर माहौल बनेंगे।" शाहनी राष्ट्रपति मुखर्जी के स्वागत समारोह में भी भाग लेंगे।मुखर्जी 27 मई को नई दिल्ली वापस लौट जाएंगे।