पिछले हफ्ते हुए आबूधाबी में हुए ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) में भारत और कश्मीर विरोधी प्रस्ताव पास होने पर कांग्रेस ने सरकार पर जबर्दस्त प्रहार किया। बता दें कि पाकिस्तान के भारी विरोध के बावजूद ओआईसी ने भारत को आमंत्रित किया था। भारत की ओर से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस समिट में शिरकत की थी। लेकिन यहां एक भारत विरोधी प्रस्ताव के पास होने के बाद कांग्रेस आक्रामक हो गई है। आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि भारत की एनडीए सरकार ने आबू धाबी में देश हित सरेंडर ही नहीं किया, बल्कि बेच दिया।
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तिवारी ने कहा कि OIC ने प्रस्ताव पास कर भारत को आतंकवादी देश करार दिया गया। उसमें कहा गया कि, भारत का कश्मीर में अवैध कब्जा है। उसमें कहा गया कि,OIC के देशों को कश्मीर के लोगों की मदद करनी चाहिए। तो क्या भारत अपने नागरिकों का ख्याल नहीं रख सकता।
उन्होंने कहा कि भारत की विदेश मंत्री आबुधाबी गयी और एनडीए सरकार ने इसे अपनी कूटनीति की जीत करार दिया। विदेश मंत्री ने ओआईसी को वहां जाकर मान्यता दी और बदले में ओआईसी में प्रस्ताव पास कर भारत को आतंकवादी राष्ट्र करार दिया गया और कश्मीर पर हमारा जबरन कब्जा है। वहां जो हुआ वो चेहरे पर तमाचा है
ओआईसी में प्रस्ताव पास कर भारत को आतंकवादी राष्ट्र करार दिया गया और कश्मीर पर हमारा जबरन कब्जा बता दिया। भारत के सर्वोच्च राष्ट्रहित को एनडीए सरकार ने बेच दिया। कांग्रेस एनडीए सरकार की कड़े शब्दों में निंदा करती है। तिवारी ने सरकार की ओर से दिए गए बयान को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि अगर सरकार की तरफ से ये दलील आती है कि इसका कोई महत्व नहीं है तो फिर विदेश मंत्रालय ने रात 10:30 बजे बयान क्यों जारी कर सफाई दी कि 'भारतीय आतंकवाद' जैसे शब्द का इस्तेमाल कभी नहीं हुआ था।