भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने मेक इन मध्य प्रदेश अभियान को सफल बनाने के लिए सीआईआई को अपना सहयोगी (पार्टनर) बनाने का फैसला किया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इसे मंजूरी दी गई। यहां जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, मंत्रिपरिषद ने मेक इन मध्य प्रदेश अभियान को सफल बनाने के लिए सीआईआई से बतौर सहयोगी दीर्घकालीन अनुबंध (एमओयू) का निष्पादन कर उसके क्रियान्वयन के लिए 17 करोड़ 66 लाख रुपए व्यय की स्वीकृति दी।
बयान में कहा गया है कि सायबर एवं उच्च तकनीकी अपराधों के विचारण के लिए जबलपुर, भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में विशेष न्यायालयों का गठन किया गया है। मंत्रिपरिषद ने इन शहरों में अतिरिक्त न्यायालयों की स्थापना के लिए तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कुल 36 पदों की स्वीकृति दी।
मंत्रिपरिषद ने विधानसभा अध्यक्ष की स्वेच्छानुदान राशि 75 लाख रुपए से बढ़ाकर एक करोड़ रुपए करने की मंजूरी दी है। इसी तरह विधानसभा उपाध्यक्ष की 15 लाख रुपए और नेता प्रतिपक्ष की स्वेच्छा अनुदान राशि 20 लाख से बढ़ाकर 50-50 लाख रुपये वार्षिक निर्धारित की गई है।
बैठक में जी एच रायसोनी निजी विश्वविद्यालय छिंदवाड़ा, डी सी निजी विश्वविद्यालय इंदौर और सिमबायसिस यूनिवर्सिटी ऑफ अप्लाइड साइंसेस इंदौर की स्थापना करने के संबंध में प्रस्तुत संशोधन अध्यादेश 2016 के प्रारूप को भी अनुमति दे दी गई।