नई दिल्ली: एम्स में पिछले 14 दिन से इलाज करा रहे जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की हालत और बिगड़ गयी लगती है जहां डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा है।
79 वर्षीय सईद को 24 दिसंबर को गर्दन में दर्द और बुखार के बाद एम्स में भर्ती किया गया था। उन्हें सेप्सिस, रक्त कणिकाएं कम होने और निमोनिया की परेशानी है। वह तब से ही एम्स के आईसीयू में हैं और उनके प्लेटलेट्स खतरनाक तरीके से कम होने की वजह से डॉक्टर चिंतित हैं।
एम्स ने संक्षिप्त बयान जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री को श्वसन प्रणाली में मदद की जरूरत है और उनकी स्थिति पर एम्स के विशेषग्यों के दल द्वारा लगातार करीब से नजर रखे जाने की जरूरत है। जम्मू कश्मीर के शिक्षा मंत्री और सरकार के प्रवक्ता नईम अख्तर ने कहा, मुख्यमंत्री की स्थिति में कल उपचार के तरीके में बदलाव के बाद सुधार देखा गया। हालांकि आज कोई महत्वपूर्ण प्रगति नहीं हुई। अस्पताल के सूत्रों ने कहा कि सईद को वेंटिलेटर पर रखा गया है क्योंकि फेफड़ों में संक्रमण की वजह से उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही है। सूत्रों ने बताया कि प्लेटलेट्स में कमी आ रही है और उन्हें बाहर से प्लेटलेट्स चढ़ाये जा रहे हैं।
सईद ने पिछले साल एक मार्च को पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री के तौर पर कामकाज संभाला था। उनकी सेहत नासाज होने के साथ इस तरह की अटकलें शुरू हो गयीं कि मुख्यमंत्री कोई और हो सकता है। सईद ने पिछले साल नवंबर में जम्मू में एक संवाददाता सम्मेलन में खुद भी संकेत दिया था कि वह अपनी बेटी महबूबा मुफ्ती को कमान सौंपना चाहेंगे। इस बारे में पूछे जाने पर अख्तर ने कहा, फिलहाल तो महबूबाजी अपने पिता की सेहत को लेकर फिक्रमंद हैं। हालांकि मैं स्पष्ट कर दूं कि वह जाहिर तौर पर मुख्यमंत्री पद की पसंद हैं।