नई दिल्ली : नर्सों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की वजह से राष्ट्रीय राजधानी और देश के अन्य शहरों में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी चरमरा गई है। शुक्रवार को दिल्ली सरकार ने हड़ताली नर्सों पर ESMA लागू कर दिया था। सरकार के इस कदम का भी कोई खास असर नहीं दिख रहा है। वहीं दिल्ली में दो नर्सों को गिरफ्तार भी किया गया। हालांकि केन्द्र सरकार और नर्सिंग फेडरेशन के बीच इसका सामाधान निकालने के लिए बातचीत चल रही है।
इस हड़ताल का सबसे ज्यादा असर दिल्ली में ही पड़ा है, जहां अस्पताल में कर्मचारियों की कमी की मार मरीजों पर पड़ रही है। ज्यादातर अस्पताल संविदा कर्मचारियों और इंटर्न के सहारे चल रहे हैं। ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेज फेडरेशन (एआईजीएनएफ) की ओर से की गई इस हड़ताल को जिसे दिल्ली नर्सेज फेडरेशन अपना समर्थन दे रहा है। ये लोग वेतन और भत्तों से जुड़े मुद्दों का समाधान चाहते हैं।
एआईजीएनएफ के प्रवक्ता लीलाधर रामचंदानी ने पीटीआई को बताया, हम फिलहाल सरकार से बातचीत कर रहे हैं। नर्सिंग फेडरेशन के सदस्य फिलहाल मुद्दे को लेकर निर्माण भवन में संयुक्त सचिव के साथ चर्चा कर रहे हैं। इससे पहले नर्सिंग सलाहकार से बातचीत हुई थी।
शुक्रवार को हड़ताल शुरू होने के तुरंत बाद दिल्ली सरकार ने एस्मा कानून लागू कर इस बंद को अवैध घोषित कर दिया था। इस बीच दिल्ली के मुख्य सचिव केके शर्मा ने प्रधान सचिव (गृह), पुलिस आयुक्त और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बातचीत कर हालात का जायजा लिया। शहर के स्वास्थ्य विभाग की प्रेस विग्यप्ति का हवाला देते हुए दिल्ली सरकार ने एक बयान में कहा कि नर्सेज यूनियन के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है।