नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश सरकार अपनी नई राजधानी अमरावती को बौद्ध धर्म की पहचान के रूप में विकसित करना चाहती है, लेकिन पाकिस्तान में इसे लेकर अजीब सा डर पैदा हो गया है। पाक मीडिया में इन दिनों चर्चा है कि भारत विजयवाड़ा में कृष्णा नदी के किनारे एक मेगा न्युक्लियर पावर प्लांट बनाने की योजना पर काम कर रहा है।
दरअसल, अमरावती में आंध्र असेंबली की बिल्डिंग बनाने का काम जापानी कंपनी मकी एंड एसोसिएट्स को मिला है जिसने एक गुंबदनामा डिजायन तैयार किया है। पाकिस्तानी मीडिया में ऐसी खबरे चल रहीं है कि भारत विजयवाड़ा में कृष्णा नदी के किनारे एक मेगा न्यूक्लियर पावर प्लांट बना रहा है। पाकिस्तानी टीवी चैनल के कुछ अंशों को मंगलवार की रात एक तेलगु टीवी चैनल पर प्रसारित किया गया।
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पाकिस्तानी चैनल के इस प्रसारण में एक पाकिस्तानी विशेषज्ञ द्वारा यह आरोप लगाया गया कि आंध्र प्रदेश में एक मेगा सिटी बनाई जा रही है जहां हाइड्रोजन बम तैयार किए जाएंगे और इसके लिए अमेरिका, भारत की मदद कर रहा है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, आंध्र प्रदेश में नई राजधानी का निर्माण सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत किया जा रहा है जिसके लिए जिसके लिए चीन, जापान और सिंगापुर की कई टीमें विजयवाड़ा (अमरावती) का दौरा कर चुकी है जिससे सीमा पार के देश में 'मेगा परमाणु शहर' के नाम पर एक दहशत का माहौल बन गया है।
संयोग से, आंध्र प्रदेश सरकार ने विधानसभा के लिए 'गुंबदनुमा' डिजाइन को खारिज कर दिया था, क्योंकि यह डिजाइन परमाणु योजनाओं से मेल नहीं खाता है। सरकार ने माकी और एसोसिएट्स से कहा है कि एक नए डिजाइन का निर्माण करे। लेकिन इस डिजाइन को खारिज करने के बावजूद भी पड़ोसी देश में न्यूक्लियर सिटी को लेकर एक बहस चल पड़ी है।