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RAJAT SHARMA BLOG: मुंबई में छत पर बरसी मौत की आग

 Published : Dec 30, 2017 05:51 pm IST,  Updated : Dec 30, 2017 05:53 pm IST

अफसोस की बात ये है कि आजादी के 70 साल बाद भी सार्वजनिक जगहों पर लोगों की सेफ्टी की कोई गारंटी नहीं है और ना ही सिस्टम लोगों को सिक्योरिटी और सेफ्टी के प्रति जागरुक कर पाया है।

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गुरुवार आधी रात मुंबई महानगर में दो अवैध रूफटॉप रेस्ट्रोरेंट्स में लगी भीषण आग में 11 महिलाओं समेत 14 लोगों की मौत हो गई जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए। ज्यादातर मौतें दम घुटने की वजह से हुई क्योंकि महिलाओं ने जान बचाने के लिए खुद को एक वॉशरूम के अंदर बंद कर लिया था। आधे घंटे के अंदर आग ने पूरे रूफटॉप रेस्ट्रो-बार और उसके साथ लगे कैफे को जलाकर खाक कर दिया। वहां मौजूद लोग संकरे रास्ते की वजह फंस गए। लोअर परेल के कमला मिल्स परिसर में करीब 35 रेस्ट्रो-बार, कई कॉरपोरेट दफ्तर और न्यूज चैनल्स हैं। पुलिस अब रेस्ट्रो-बार के मैनेजर और मालिकों को तलाश रही है जो घटना के बाद से फरार हैं। लेकिन 14 लोगों की मौत ने बृह्न्मुंबई म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन (BMC), दमकल विभाग और पुलिस समेत पूरे सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। 

इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने के लिए मजबूर कर दिया है कि हमारे सार्वजनिक स्थल कितने महफूज हैं। इसी साल हमने मंदिर में भगद़ड़ से लोगों को मरते देखा। रेलवे स्टेशन के पुल पर भगदड़ में दबकर लोगों की जान जाते देखा और अब रेस्ट्रोरेंट में खाते-पीते लोगों को दम घुट कर मरते देखा। हमेशा हादसे में लोगों की जानें चली जाती हैं और उसके बाद एक जांच बिठा दी जाती है। दो-चार लोगों को बलि का बकरा बना दिया जाता है। लेकिन अफसोस की बात ये है कि आजादी के 70 साल बाद भी सार्वजनिक जगहों पर लोगों की सेफ्टी की कोई गारंटी नहीं है और ना ही सिस्टम लोगों को सिक्योरिटी और सेफ्टी के प्रति जागरुक कर पाया है।

बीजेपी के एक स्थानीय सांसद ने इसके लिए शिवसेना को जिम्मेदार बताया है जिसका बीएमसी पर नियंत्रण है और वह अवैध रूप से रेस्ट्रो-बार चलाने की इजाजत देती है। अकेले कमला मिल्स कंपाउंड में 36 से ज्यादा रेस्ट्रोरेंट्स हैं। सैकड़ों लोग इन रेस्टोरेंट्स में रोजाना जाते हैं लेकिन कोई नहीं जानता कि इनमें से कितने कानूनी तौर पर वैध हैं और कितने गैरकानूनी रूप से चलाए जा रहे हैं। कोई नहीं जानता कि कितने रेस्टोरेंट्स फायर नॉर्म्स का सख्ती से पालन करते हैं और कितनों को फायर ब्रिगेड अथॉरिटी की तरफ से सेफ्टी अप्रूवल मिली हुई है। स्थानीय नेताओं और नौकरशाहों के संरक्षण के चलते अधिकांश रेस्ट्रोरेंट्स अवैध रूप से चलाए जाते हैं। इस हादसे के लिए चार या पांच लोगों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं होगा। मुंबई में चलनेवाले सभी रेस्ट्रोरेंट्स की सख्त सेफ्टी ऑडिट कराई जानी चाहिए और जो लोग अवैध रूप से रेस्टोरेंट्स चला रहे हैं उन्हें दंडित किया जाना चाहिए। (रजत शर्मा)

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