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मद्रास हाईकोर्ट ने राजीव गांधी हत्याकांड की दोषी नलिनी को दी गई परोल की अवधि बढ़ाने से इनकार किया

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Sep 12, 2019 12:02 pm IST,  Updated : Sep 12, 2019 12:02 pm IST

मद्रास हाई कोर्ट ने राजीव गांधी हत्याकांड की दोषी नलिनी को दी गई परोल की अवधि को बढ़ाने से इनकार कर दिया है।

Rajiv Gandhi assassination convict Nalini Sriharan’s parole extension refused by Madras High Court- India TV Hindi
Rajiv Gandhi assassination convict Nalini Sriharan’s parole extension refused by Madras High Court | PTI File

चेन्नई: मद्रास हाई कोर्ट ने राजीव गांधी हत्याकांड की दोषी नलिनी को दी गई परोल की अवधि को बढ़ाने से इनकार कर दिया है। इससे पहले 22 अगस्त को मद्रास हाई कोर्ट ने राजीव गांधी की हत्‍या के 7 दोषियों में से एक नलिनी की परोल की अवधि को 3 सप्ताह के लिए बढ़ा दिया था। उस समय नलिनी ने अदालत में एक महीने का विस्तार देने के लिए याचिका दाखिल की थी, ताकि वह अपनी बेटी की शादी की तैयारियों को कर सके। इस बार नलिनी ने परोल की अवधि 15 अक्टूबर तक बढ़ाने की गुजारिश की थी।

25 जुलाई को मिली थी एक महीने की परोल

नलिनी ने तब कहा था कि वह शादी का इंतजाम अभी तक नहीं कर पाई है, क्योंकि उसकी बेटी लंदन में रहती है और अगले महीने भारत आने वाली है। आपको बता दें कि नलिनी को 25 जुलाई को एक महीने के पैरोल पर रिहा किया गया था। मद्रास हाई कोर्ट ने 5 जुलाई को नलिनी को एक महीने के लिए पैरोल पर रिहा होने की अनुमति दी थी, जबकि नलिनी ने अपनी बेटी की शादी की तैयारियों के लिए 6 महीने के पैरोल की याचिका दाखिल की थी।


खुद की थी अपने मामले की जिरह
गौरतलब है कि नलिनी ने अपने मामले की जिरह खुद की थी। नलिनी को परोल देते हुए अदालत ने यह शर्त भी रखी थी कि इस अवधि में वह नेताओं और मीडिया से नहीं मिलेगी। अपनी याचिका में नलिनी ने कहा था कि आजीवन कारावास की सजा प्राप्त हर कैदी को 2 साल जेल में बिताने के बाद एक महीने की साधारण छुट्टी पाने का नियम है जबकि उसने पिछले 27 साल जेल में बिताए हैं और एक बार भी छुट्टी नहीं ली है। 

राजीव हत्याकांड के ये हैं 7 दोषी
नलिनी के अलावा राजीव गांधी हत्याकांड के दोषियों में उसके पति वी. श्रीहरण उर्फ मुरुगन, ए. जी. पेरारीवलन, टी. सुथेंद्रराजा उर्फ संथन, जयकुमार, रॉबर्ट पायास और रविचंद्रन शामिल हैं। सभी सातों दोषी साल 1991 से ही जेल में हैं, जब एक महिला तमिल टाइगर आत्मघाती हमलावर ने चेन्नई के नजदीक एक चुनावी रैली में राजीव गांधी से मिलते हुए खुद को बम से उड़ा लिया था।

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