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राजनाथ ने किया बहादुरी का सम्मान, प्रोटोकॉल तोड़ BSF जवान को गले लगाया

 Written By: Bhasha
 Published : Jun 01, 2017 10:07 pm IST,  Updated : Jun 01, 2017 10:09 pm IST

केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अलंकरण समारोह में वीरता मेडल से सम्मानित किये गये बीएसएफ के उस जवान को प्रोटोकॉल तोड़ते हुए गले से लगा लिया जो कश्मीर में आतंकरोधी अभियान के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुये 85 फीसदी

rajnath singh- India TV Hindi
rajnath singh

नई दिल्ली: केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अलंकरण समारोह में वीरता मेडल से सम्मानित किये गये बीएसएफ के उस जवान को प्रोटोकॉल तोड़ते हुए गले से लगा लिया जो कश्मीर में आतंकरोधी अभियान के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुये 85 फीसदी से अधिक शारीरिक अक्षमता का शिकार हो गया था।

सिंह ने जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में साल 2014 में आतंकवादी हमले के दौरान कई गोलियां लगने से घायल हुये बीएसएफ के जवान गोधराज मीणा को वीरता मेडल से सम्मानित करने के बाद गले से लगा लिया।

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अलंकरण समारोह में मीणा की बहादुरी का किस्सा बताते हुए उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2014 को उधमपुर स्थित नरसू नाला के पास बीएसएफ के जवानों को ले जा रही बस पर आतंकी हमला कर दिया गया। बस की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे 44 वर्षीय मीणा ने अदम्य साहस और सूझबूझ दिखाते हुए गोलीबारी के बीच दो आतंकवादियों को अपनी बंदूक से सटीक निशाना बनाते हुए उन्हें बस में घुसने से रोक दिया और बस में सवार 30 जवानों की जान बचा ली।

हालांकि इस दौरान उनके जबड़े सहित शरीर के अन्य हिस्सों में लगी गोली के कारण मीणा न सिर्फ 85 प्रतिशत शारीरिक अक्षमता के शिकार हो गये बल्कि अब वह बोल सकने में भी समर्थ नहीं हैं।

मीणा के सीने पर सिंह द्वारा वीरता मेडल लगाये जाने से पहले उनके साहस की यह कहानी सुन विज्ञान भवन का विशाल सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इतना ही नहीं वीरता के तमगे से नवाजे गये मीणा द्वारा सलामी देने के प्रयास से प्रभावित सिंह ने प्रोटोकॉल तोड़ उन्हें गले से लगा लिया। प्रोटोकॉल के तहत मेडल मिलने के बाद सैनिक को सम्मानित करने वाले व्यक्ति से हाथ मिलाकर सलामी देनी होती है।

समारोह में मौजूद एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसे अनूठा क्षण बताते हुए कहा कि मीणा ने बोलने और चलने फिरने में अक्षम होने के बावजूद अलंकरण समारोह में वीरता सम्मान पाने के लिये पूरी वर्दी धारण की। उनके जज्बे से प्रभावित होकर गृह मंत्री ने भी प्रोटोकॉल को दरकिनार कर मीणा की बहादुरी को अनुकरणीय बताते हुये उन्हें गले से लगाया। फिलहाल मीणा को प्रशासनिक ड्यूटी पर लगाया गया है।

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