नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने मालेगांव विस्फोट मामले की एनआईए द्वारा हुई जांच में राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को आज खारिज कर दिया और कहा कि देश में जांच एजेंसियां पूरी स्वायत्तता के साथ काम करती हैं। उन्होंने यहां सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक कार्यक्रम के मौके पर संवाददाताओं से कहा, हमारी सभी जांच एजेंसियां पूर्ण स्वायत्त हैं, हमारी ओर से या सरकार की ओर से कोई हस्तक्षेप नहीं है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पिछले हफ्ते पूरी तरह पलटते हुए मालेगांव विस्फोट मामले में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और अन्य पांच के खिलाफ सारे आरोप हटा दिए। मुम्बई की एक अदालत में दायर अपने आरोपपत्र में लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित समेत दस अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कठोर मकोका के तहत लगे आरोप भी हटा लिए गए।
जब गृहमंत्री से पूछा गया कि एनआईए जांचकर्ताओं के पठानकोट आतंकवादी हमले की जांच के सिलसिले में कब तकपाकिस्तान जाने की संभावना है तो उन्होंने कहा कि दोनों देशों के विदेश सचिवों ने इस मुद्दे पर बातचीत की है। सिंह ने कहा, उस समय पाकिस्तान का जवाब सकारात्मक था। एनआईए भी वहां जाना चाहती है और विदेश सचिव स्तर पर बातचीत हुई है।
गृहमंत्री ने विधानसभा चुनावों के नतीजे के बारे में कहा, भाजपा को शानदार जीत मिली। उसके पास संसद में स्पष्ट बहुमत है। यह एक ऐसी पार्टी है जिसने या तो पूर्ण बहुमत से या फिर गठबंधन से 14 राज्यों में सरकार बनायी है। एक बड़े भौगोलिक क्षेत्र में भाजपा की उपस्थिति है।
विधानसभा चुनावों में निराशाजनक परिणाम को लेकर कांग्रेस में बड़ी सर्जरी की पार्टी नेता दिग्विजय सिंह की सलाह पर भाजपा नेता ने कहा, यह उनका आंतरिक मामला है। मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा। कैसे सुधार लाना है, क्या सुधार करना है, यह कांग्रेस का अपना फैसला है।
गृहमंत्री ने कहा वामचरमपंथ इलाकों में तैनात अर्धसैनिक बलों के सैनिकों को पूर्वोत्तर में उग्रवाद निरोधक अभियानों और जम्मू कश्मीर में आतंकवाद निरोधक अभियान में लगे सैन्यकर्मियों के समान विशेष जोखिम भत्ते देने के मुद्दे पर मंत्रिमंडल शीघ्र ही निर्णय लेगा। उन्होंने कहा, (इस मुद्दे पर) वेतन आयोग की सिफारिशें आ गई हैं और अब मंत्रिमंडल उसपर विचार करेगा।