
क्यों लगा था डांस बार पर बैन
देश में डांस बार सबसे पहले महाराष्ट्र में ही चलन में आए और फिर देश के बाकी शहरों में फैले। केवल मुंबई में ही 700 डांस बार थे। मुंबई की नाइट लाइफ की तो खास पहचान हुआ करते थे ये डांस बार। लेकिन तत्कालीन गृहमंत्री आरआर पाटील ने डांस बारों पर रोक लगा दी। पाटील के गांव के कुछ लोगों को डांस बार का जबरदस्त चस्का लग गया था और इसमें वे अपनी सारी कमाई गंवा बैठे थे। इसके बाद उनके परिवार की औरतें मुंबई पहुंची और उनको अपना दुखड़ा सुनाया। इसके बाद पाटील ने मुंबई के डांस बारों पर बैन लगा दिया। पाटील के नैतिकतावादी स्टैंड के खिलाफ किसी ने खुलकर विरोध नहीं किया। पाटील ने डांस बारों पर रोक लगाते समय यह भी वजह बताई थी कि ये अपराधियों का शरणस्थल बन गए हैं। इसके साथ ही डांस बारों पर अश्लीलता का भी आरोप लगा था।
क्यों खुलने चाहिए डांस बार
मुंबई और ठाणे में कुल मिलाकर 550 बार है। कोर्ट के आदेश के बाद 75 हजार बार गर्ल्स को इसमें काम मिल सकेगा। दरअसल जो लड़कियां डांस बार के अंदर बॉलीवुड गानों पर थिरकती है वो रास्ता उन्होंने अपनी मर्जी से नहीं चुना होता है, बल्कि हमारे समाज द्वारा ही वह उस अंधेरे कोने में धकेली गई होती है। कोई लड़की अपनी बीमार मां और परिवार का खर्च उठाने के लिए यह काम कर रही है तो कोई अपने बच्चों के दूध रोटी के इंतजाम के लिए। कई लड़कियों का यह आजीविका साधन है और डांस बार बंद होने से उनकी आजीविका के साधन भी बंद हो जाते है। ऐसे में डांस बार के बंद होने की वजह से ये वेश्यावृति में धकेल दी गई है। सरकार इन्हें अश्लीलता का प्रतीक बनने को मजबूर नहीं होने दे सकती और न ही इनकी आजीविका छीन सकती है।
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