त्रिशूर (केरल): कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को केरल में अपने चुनाव प्रचार अभियान का आगाज करते हुए नरेन्द्र मोदी सरकार पर प्रहार किया और कहा कि लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकारें असंवैधानिक और अंदरखाते की चालों से गिराई जा रही हैं। उन्होंने माकपा नीत एलडीएफ पर भी हमला किया और कहा कि यह विकास विरोधी है तथा हिंसा की राजनीति कर रही है।
तेकीनकाडु मैदान में एक चुनाव सभा को संबोधित करते हुए सोनिया ने कहा कि अरूणाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में हमारी लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकारें असंवैधानिक और अंदरखाते की सौदेबाजी से गिराई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विश्वविद्यालयों, न्यायपालिका, एनजीओ और सिविल सोसाइटी के लिए खतरा है। उन्होंने कहा, विश्वविद्यालयों को नोटिस पर रखा गया है, न्यायपालिका को धमकी दी जा रही है, एनजीओ और सिविल सोसाइटी खामोश किए जा रहे हैं।
सोनिया ने कहा कि अल्पसंख्यक, दलित, महिलाएं और आदिवासी भी संकट में हैं तथा राजनीतिक पार्टियां एवं अन्य तबके, जो सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे हैं उनके साथ देशद्रोही जैसा बर्ताव किया जा रहा है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री के पास अपने भव्य कार्यक्रमों के लिए काफी वक्त है। जब किसानों की दशा की बात आती है तो वह मुंह फेर लेते हैं। उन्होंने कहा पामोलीन के आयात पर प्रतिबंध हटाने से केंद्र के इनकार करने के बाद नारियल उत्पादक किसान परेशानी का सामना कर रहे हैं और मूल्य स्थिरीकरण कोष के लिए भी धन जारी करने से इनकार कर दिया गया। उन्होंने मोदी सरकार पर पिछली संप्रग सरकार द्वारा शुरू की गई मनरेगा जैसी योजनाएं और कुदुंबश्री जैसे स्व सहायता समूहों के लिए कोष घटाने का भी आरोप लगाया।
पिछली संप्रग सरकार द्वारा स्थापित समुद्रपारीय मामलों के मंत्रालय को बंद करने से केरल के प्रवासियों को परेशानियां पेश आई हैं। उन्होंने कहा कि केरल धर्मनिरपेक्षता का अच्छा उदाहरण है और एक प्रगतिशील राज्य है लेकिन भाजपा और आरएसएस से यह प्रणालीगत हमलों का सामना कर रहा। खड़े होने और मूल्यों का मिलकर बचाव करने की जरूरत है।
एर्नाकुलम के पेरम्बदूर में विधि की एक दलित छात्रा से बलात्कार और हत्या के मुद्दे पर सोनिया ने कहा कि उसे न्याय मिलना चाहिए और दोषी को कानून के मुताबिक सजा मिले। माकपा नीत एलडीएफ की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि वे विकास विरोधी हैं और हिंसा की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की विशेष जरूरतों में वाम मोर्चा की विचारधारा मायने नहीं रखती।