नई दिल्ली: वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदा मामले में सीबीआई ने बुधवार को वायुसेना के पूर्व प्रमुख एस पी त्यागी और वकील गौतम खेतान से पूछताछ की। हाल में एक इतालवी अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि 3600 करोड़ रुपए के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदा मामले में रिश्वत दी गई, जिसके बाद सीबीआई की यह पहली पूछताछ है। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि दोनों बुधवार सुबह सीबीआई की जांच टीम के समक्ष पेश होने के लिए इसके मुख्यालय पहुंचे।
त्यागी से जहां लगातार तीसरे दिन पूछताछ हुई वहीं खेतान इटली में मिलान कोर्ट ऑफ अपील के फैसले के बाद पहली बार एजेंसी के समक्ष पेश हुए। इटली की अदालत ने अपने फैसले में इस सौदे के लिए रिश्वत दिए जाने का दावा किया। पेशे से वकील खेतान एयरोमैट्रिक्स कंपनी के बोर्ड के पूर्व सदस्य हैं। सीबीआई की प्राथमिकी में बतौर आरोपी दर्ज यह कंपनी कथित रूप से रिश्वत की रकम को दूसरे तरीके से निकालने का काम करती थी।
सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि पूछताछ का मुख्य फोकस इतालवी बिचौलियों--कार्लो जिरोसा और गुइदो हेशके से उनके कथित संबंधों पर था। सीबीआई ने त्यागी, उनके रिश्तेदारों और यूरोपीय बिचौलियों सहित 13 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। वायुसेना के पूर्व प्रमुख के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने हेलीकॉप्टर की उड़ान की उंचाई 6,000 मीटर से घटाकर 4,500 मीटर (15,000 फुट) कर दी, जिसकी वजह से ही अगस्ता वेस्टलैंड के हेलीकॉप्टर इस सौदे की दौड़ में शामिल होने की पात्रता हासिल कर पाए।
त्यागी ने अपने खिलाफ लगे आरोपों का खंडन किया है और कहा कि हेलीकॉप्टर के मानदंडों में बदलाव एक सामूहिक फैसला था, जिसमें वायुसेना, एसपीजी, एनएसए और अन्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित थे। गौरतलब है कि हेलीकॉप्टर के मानदंडों में बदलाव के कारण ही अगस्ता वेस्टलैंड विवादों में आई।