Published : Jan 12, 2016 01:29 pm IST,
Updated : Jan 12, 2016 01:31 pm IST
स्वामी विवेकानंद अपना पूरा जीवन अपने गुरु गुरूदेव रामकृष्ण परमहंस को समर्पित कर चुके थे। स्वामी विवेकानन्द के ही प्रयासों से दुनिया को गुलाम भारत के इस अनमोल खजाने का पता चला जिसके बाद पूरे विश्व में शांति पाने के लिए भारत से सीखने की होड़ शुरु हो गई