
ब्रह्मोस मिसाइल
भारत ने 28 अप्रैल 2002 को ध्वनि की गति से भी तेज़ चलने वाली सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल का परिक्षण किया जिसे ब्रह्मोस का नाम दिया गया। भारत ने इसका निर्माण रूस के सहयोग से किया है। ब्रह्मोस 290 किलोमीटर तक की मार करने की क्षमता रखता है और इसका वजन तीन टन है। ये जहाज, पनडुब्बी और हवा समेत कई प्लेटफॉर्म से दागी जा सकती है। ये मिसाइल ध्वनि की गति से 2.8 गुना ज्यादा गति से उड़ान भर सकती है।