गया: एक तरफ उस कारोबारी का परिवार है जिसने अचानक अपने 19 साल के बेटे को खो दिया और दूसरी तरफ है एक बिगड़ैल बेटे, माफिया बाप और पूर्व एमएलसी मां का परिवार। आदित्य हत्याकांड की कानूनी जंग में आदित्य के परिवार के लिए उसके दोस्त सबसे बड़ी मदद बन सकते थे, जो उस स्विफ्ट कार में सवार थे। उन चार दोस्तों के बयान पर बहुत कुछ तय होना था लेकिन उन चार दोस्तों ने भी पुलिस को दिए अपने बयान में यही कहा कि उन्होंने नहीं देखा कि गोली किसने चलाई, क्योंकि रात के अंधेरे में हुए उस झगड़े में गोली पीछे से चलाई गई थी, जब पांचों दोस्त अपनी कार में बैठकर भागने की कोशिश कर रहे थे।
आदित्य हत्याकांड की जांच की हकीकत क्या है ?
7 अप्रैल की मनहूस रात जब आदित्य को गोली मारी गई, कार में उस वक्त आदित्य के 4 दोस्त भी मौजूद थे। वो दोस्त जो रॉकी के गुनाहों के सबसे बड़े और अहम गवाह हैं लेकिन उन्हीं दोस्तों की गवाही के कानूनी पोस्टमॉर्टम से रॉकी अपने बचने का रास्ता ढूंढ रहा है। अदालत में आदित्य के दोस्तों ने जो लिखित बयान दिया है उसमें सबने यही कहा है कि गोली किसने चलाई हमने नहीं देखा।
आदित्य के 4 दोस्तों ने पुलिस को क्या बताया ?
वारदात के वक्त आयुष आदित्य के साथ ही पिछली सीट पर बैठा था। आयुष के मुताबिक, ‘हमें महारानी पेट्रोल पंप के पास एक सिल्वर कलर की एक रेंज रोवर गाड़ी जिसका नंबर था DL-1 TEMP AU 7063 मिली। उस गाड़ी को हमने क्रॉस किया, फिर हम लोग जब OTA गेट नंबर-1 पर पहुंचे तो पुलिस लाइन में पीछे वाले रास्ते की तरफ मुड़ गए। अभी मंदिर क्रॉस किए थे तभी हमें फायरिंग की आवाज सुनाई दी। हमने गाड़ी किनारे करके धीमी की और रेंज रोवर गाड़ी हमारी गाड़ी के बगल में आकर खड़ी हो गई।
आयुष के मुताबिक रेंज रोवर के रुकते ही उसमें से 2 लोग उतरे। एक पुलिस की वर्दी में था और दूसरा सादे कपड़े में। कार से बाहर निकलते ही दोनों ने ड्राइविंग सीट पर बैठे नासिर की पिटाई शुरू कर दी। गाड़ी में मौजूद आदित्या के चारों दोस्तों ने ये तो माना खुद को रॉकी बताने वाला एक शख्स उस रात पिस्टल के साथ मौजूद था लेकिन गोली किसने चलाई किसी ने नहीं देखा।
आदित्य के दोस्तों के इस बयान के बाद पुलिस की सबसे बड़ी परेशानी अब ये साबित करने की है कि गोली रॉकी ने ही चलाई थी। रॉकी ये मानने के लिए तैयार ही नहीं कि वो मौके पर था। दोस्तों की गवाही से पुलिस को भी काफी उम्मीद थी लेकिन अंधेरे की वजह से आदित्य के दोस्त गोली मारने वाले का चेहरा साफ-साफ नहीं देख पाए।
आगे की स्लाइड में पढ़िए गया पुलिस ने की कौन सी 5 बड़ी गलतियां ?