नई दिल्ली: देश में सबसे ज्यादा आदिवासी जनजाति वाला प्रदेश छत्तीसगढ़ है। यहां बसने वाले आदिवासी जनजातियों की अपनी संस्कृति, मान्यताएं और परंपराएं होती हैं। इन्हीं में से एक है बैगा आदिवासी समाज जो कई अनूठी परंपराओं का पालन करती है। छत्तीसगढ़ के बस्तर में रहने वाले बैगा जनजाति दूसरी जनजातियों और समुदाय के लोगों से ज्यादा मिलना-जुलना पसंद नहीं करते हैं। ये जनजाति अलग-थलग ही रहना पसंद करती है जो अपनी अनोखी परंपराओं के कारण जाना जाता है। ये भी पढ़ें: इस ब्लड ग्रुप के लोग हैं एलियंस, कहीं आप भी तो उनमें से एक नहीं
इस समाज में महिलाओं को बहुत सम्मान दिया जाता है। लड़के-लड़कियों को प्रेम विवाह की आजादी दी जाती है। लड़कियां खुद अपना जीवनसाथी चुनती हैं। इनमें शादी से पहले संबंध बनाने पर रोक नहीं है। शारीरिक संबंध बनाने की बात माता-पिता या पंचों को पता चलती है, इसके बाद शादी कर दी जाती है। इस जनजाति की लड़की अगर दूसरा विवाह करना चाहे, तो उस पर एक लोटा गर्म पानी डालकर पवित्र कर दिया जाता है।
लड़कियां अपने पसंद के लड़के के घर में जाकर उससे शादी करने की बात भी बता सकती हैं। इनमें पूर्णविवाह और विधवा विवाह भी आम है। बैगा समाज में बहुपत्नी रखने का रिवाज है। लड़की अपनी मर्जी से दूसरा विवाह कर सकती है। विधवा विवाह में देवर का पहला अधिकार होता है, लेकिन अगर विधवा किसी और के नाम की चूड़ी पहने तो पहन सकती है।
बैगा अपने परिवार में किसी की मौत के बाद अपना घर छोड़ देते हैं। इसके बाद ये लोग अपने लिए कहीं और नया घर बनाने नई जगह तलाशते हैं। बैगा नाम की यह जनजाति नई जगह और नए घर में एक बार फिर से अपनी दुनिया बसाते हैं और नए सिरे से जिंदगी की शुरुआत करते हैं। बैगा जनजाति मुख्य रूप से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के जंगलों में रहती है।
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