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वाड्रा लैंड डील: जस्टीस ढींगरा ने खट्टर को सौंपी रिपोर्ट, कहा- ‘गड़बड़ी हुई है’

 Written By: India TV News Desk
 Published : Aug 31, 2016 05:13 pm IST,  Updated : Aug 31, 2016 08:17 pm IST

नई दिल्ली: हरियाणा में कांग्रेस शासन के दौरान गुड़गांव में रॉबर्ट वाड्रा के जमीन सौदे सहित अन्य जमीन सौदों की जांच के लिए गठित न्यायमूर्ति ढींगरा आयोग ने हरियाणा सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी

robert vadra- India TV Hindi
robert vadra

चंडीगढ़: हरियाणा में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की कथित संलिप्तता वाले विवादास्पद भूमि सौदों की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग ने आज अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी। आयोग ने परोक्ष रूप से सौदों में अनियमितताएं पायी हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस एन ढींगरा ने 182 पृष्ठों वाली रिपोर्ट मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को सौंप दी। 15 महीने पहले न्यायमूर्ति ढींगरा को तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल के दौरान गुड़गांव में हुए भूमि सौदों की जांच के लिए नियुक्त किया गया था।

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न्यायमूर्ति ढींगरा ने रिपोर्ट की सामग्री की जानकारी देने से इनकार करते हुए संकेत दिया कि क्षेत्र में भूमि लाइसेंस प्रदान करने में उन्हें स्पष्ट अनियिमितताएं मिलीं हैं। भूमि सौदे 2014 में लोकसभा चुनाव और हरियाणा में विधानसभा चुनाव के दौरान एक प्रमुख मुद्दा बन गये थे। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें कोई अनियमितता मिली, न्यायमूर्ति ढींगरा ने कहा, यदि कोई अनियमितता नहीं होती मैंने यह उल्लेख करते हुए एक पंक्ति की रिपोर्ट दी होती कि कोई अनियमितता नहीं थी। मेरी रिपोर्ट में 182 पृष्ठ हैं। उसके (अनियमितता) बिना, मेरे पास 182 पृष्ठ लिखने का कोई कारण नहीं था।

अनियमितताओं में लिप्त कंपनियों के बारे में पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि आप (मीडिया) किस विशेष कंपनी के बारे में बात कर रहे हैं। मुझे लाइसेंस प्रदान करने में अनियमितता की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई थी।

खट्टर सरकार ने गुड़गांव के सेक्टर 83 में वाणिज्यिक कालोनियां विकसित करने के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग द्वारा कुछ इकाइयों को लाइसेंस प्रदान करने से संबंधित मुद्दों की जांच के लिए 14 मई 2015 को एक सदस्यीय आयोग का गठन किया था। इसमें रॉबर्ट वड्रा के स्वामित्व वाली कंपनी मेसर्स स्काईलाइट हास्पीटैलिटी और रिएलिटी कंपनी डीएलएफ के बीच भूमि सौदे का दाखिल खारिज भी शामिल है।

विधानसभा में रिपोर्ट सौंपने के बाद जस्टिस एसएन ढींगरा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘मेरी रिपोर्ट में बहुत कुछ है। मैंने जांच में हर उस शख्स का नाम लिया है जो गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार है। रिपोर्ट में प्राइवेट और सरकारी दोनों तरह की कंपनियों और अधिकारियों के नाम हैं। अब रिपोर्ट पर सरकार को कार्रवाई करनी है।’

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