नोटबंदी की परेशानियों के बीच मुंबई से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। यहां खुद को पत्रकार बताने वाली एक महिला ने एक युवक के साथ 50 लाख रुपए की ठगी की। हैरानी की बात ये है कि महिला ने जिस शख़्स को अपना शिकार बनाया उसके पास भी ये 50 लाख रुपए ब्लैक मनी के ही थे। पुलिस ने इस मामले में एक शख़्स को गिरफ़्तार किया है लेकिन आरोपी महिला अब तक पुलिस के शिकंजे से बाहर है।
पुलिस के पास जानकारी है के अनुसार इस महिला का नाम आशा शर्मा है और उसके आई कार्ड के मुताबिक वह सहारा अधिकार कंपनी में काम करती है। आरोप है कि इस महिला ने अपने रसूख और पहुंच का हवाला देते हुए एक शख़्स को 50 लाख रुपए की पुरानी करेंसी के बदले 50 लाख की नई करेंसी दिलवाने का भरोसा दिया और जब पैसे मिल गए तो ये सारा कैश लेकर रफ़ूचक्कर हो गई। हैरानी की बात तो ये है कि इस महिला और ठगी का शिकार हुए शख़्स के बीच जिस होटल में डील हुई वो आज़ाद नगर पुलिस स्टेशन से महज़ 20 फीट की दूरी पर है।
पुलिस के मुताबिक़ ठगी का शिकार हुए शख़्स को किसी की ज़मानत के लिए 50 लाख रुपए चाहिए थे। उसने होटल के मालिक से ज़िक्र किया। होटल के मालिक ने उस शख़्स को महिला के बारे में बताया। ठगी का शिकार बने शख़्स और कथित महिला पत्रकार के बीच होटल में ही मुलाक़ात हुई और 25 फीसदी कमीशन पर डील हो गई।
पहली क़िस्त के तौर पर युवक ने महिला को 10 लाख रुपए भी दिए लेकिन शातिर महिला ने पूरे पैसे मिलने पर ही काम होने की बात कही।
पूरे 50 लाख रुपए मिलने के बाद भी जब ठगी का शिकार बने शख़्स को पैसे नहीं मिले तो पहले उसने ख़ुद से इस शातिर महिला को ढूंढने की कोशशि की और जब आशा शर्मा नाम ये ठग नहीं मिली तो 2 दिसंबर को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई। शुरुआती छानबीन के बाद पुलिस ने होटल के मालिक को तो गिरफ़्तार कर लिया है लेकिन कई दिन गुज़र जाने के बाद भी ये शातिर महिला अब तक पुलिस की गिरफ़्त से बाहर है। पुलिस ये भी जानने की कोशिश में है कि आखिर ठगी का शिकार हुए युवक के पास 50 लाख की ब्लैक मनी कहां से आई।