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Anis Ahmed Interview: PFI महासचिव ने कहा- कानपुर पुलिस के पास पुख्ता सबूत हैं तो उसे पब्लिक करे

 Reported By: T Raghavan @NewsRaghav
 Published : Jun 08, 2022 10:21 pm IST,  Updated : Jun 08, 2022 10:21 pm IST

अनीस अहमद ने कहा कि हमें पता था कि कभी न कभी कानपुर हिंसा में हमारा नाम डाला जाएगा।

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PFI General Secretary Anis Ahmed. Image Source : INDIA TV

Highlights

  • आजकल भारत में कहीं भी, कुछ भी हो, PFI का नाम जोड़ा जाता है: अनीस अहमद
  • अनीस अहमद ने कहा कि खरगोन में तो बहुत जोर देकर हमारा नाम लिया जा रहा था।
  • जो नाम आप बता रहे हैं वे हमारी ऐडहॉक कमिटी में भी नहीं हैं: कानपुर हिंसा पर अनीस

Anis Ahmed Interview: उत्तर प्रदेश के कानपुर में 3 जून को जुमे के दिन हुई हिंसा के मामले में पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया या पीएफआई का नाम भी सामने आ रहा है। इंडिया टीवी के रिपोर्टर टी राघवन को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में पीएफआई के महासचिव अनीस अहमद ने कहा कि अगर कानपुर पुलिस के पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि शहर में हुई हिंसा में हमारा संगठन शामिल रहा है, तो वे उसे सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा कि देश में कहीं भी कुछ होता है तो हमारा नाम उसमें जोड़ दिया जाता है।

'हमें पता था कि हमारा नाम आएगा'

अनीस अहमद ने कहा, 'बहुत सारे लोग हमसे पूछ रहे थे कि कानपुर केस में अभी तक आपका नाम क्यों नहीं आया? हमें पता था कि कभी न कभी हमारा नाम लाया जाएगा। आजकल भारत में कहीं भी, कुछ भी हो, PFI का नाम जोड़ा जाता है। करौली में भी हमारा नाम डाला गया था, फिर पुलिस ने कहा कि हमारा लिंक नहीं है। खरगोन में तो बहुत जोर देकर हमारा नाम लिया जा रहा था, वहां भी हमारा लिंक नहीं मिला। कानपुर में भी हमारा नाम डाला जा रहा है। बीजेपी शासित प्रदेशों में ऐसा आमतौर पर होता है।'

‘यूपी में हमारी मेंबरशिप नहीं है’
कथित PFI सदस्यों सैफुल्लाह, मोहम्मद नसीम और मोहम्मद उमर की कानपुर हिंसा मामले में गिरफ्तारी पर बोलते हुए अनीस अहमद ने कहा, 'यूपी में हमारी मेंबरशिप नहीं है, और ये हम पहले भी बता चुके हैं। वहां सिर्फ हमारी ऐडहॉक कमिटी है। जो नाम आप बता रहे हैं वे हमारी ऐडहॉक कमिटी में भी नहीं हैं। किसी को भी अरेस्ट करके उनका लिंक PFI से बताया जा रहा है। कानपुर में भी यही हो रहा है। कानपुर में शुरुआती 3 FIRs में पीएफआई का नाम नहीं था।' अनीस ने कहा कि कानपुर मामले के 3 या 4 दिन बाद हमने ये स्टेटमेंट दिया था कि इसमें PFI को लिंक करना गलत है।

‘पुलिस सबूतों को सार्वजनिक करे’
इस सवाल पर कि पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी हयात जफर हाशमी के पास से PFI से जुड़े कुछ पुख्ता सबूत मिले हैं, अनीस ने कहा, ‘मैंने भी मीडिया से सुना। जिस शख्स के बारे में उन्होंने कहा, मैंने भी उसका नाम पहली बार सुना था। जो पुख्ता सबूत हैं, पुलिस उनको पब्लिक करे। पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया के हैंडबिल्स और ब्रोशर्स तो पब्लिक में हैं, और इनको सामने रखकर कहते हैं कि ये पुख्ता सबूत हैं। जो भी पुख्ता सबूत हैं उनको सामने रखिए। आप सामने रखेंगे तो हम बताएंगे कि उस डॉक्यूमेंट में क्या है।'

PFI के महासचिव अनीस अहमद के साथ इंडिया टीवी का पूरा इंटरव्यू देखें:

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