नई दिल्ली: सीबीआई ने विदेशी नागरिकों को कॉल करके ठगने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। कॉलसेंटर के जरिए भारत से कुछ लोग विदेशी नागरिकों को कॉल करके अलग-अलग तरीके से उनसे मोटी रकम ठगा करते थे। कॉल सेंटर इस रैकेट को आरोपी सुशील सचदेवा और उसके सहयोगी काफी समय से चला रहे थे। कॉल सेंटर के जरिए ठगी की जानकारी मिलने के बाद सीबीआई ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी।
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24 ठिकानों पर छापेमारी
इस मामले में आज सीबीआई ने मुख्य आरोपी सुशील सचदेवा और उसके सहयोगियों के 24 ठिकानों पर छापेमारी की। इन ठिकानों में दिल्ली, यूपी, हरियाणा, गुजरात शामिल है। सीबीआई को इन ठिकानों पर छापेमारी में 2.2 करोड़ रुपए कैश, विदेशी करंसी, क्रप्टो करंसी और अहम दस्तावेज मिले हैं जिन्हें सीबीआई ने जब्त कर लिया है। मामले की जांच लगातार जारी है।

2022 में सीबीआई ने दर्ज किया था केस
दरअसल, पिछले साल 7 जुलाई को इस संबंध में एक मामला दर्ज किया था। भारत में कई कॉल सेंटर्स ने अमेरिका के नागरिकों को टारगेट कर धोखाधड़ी और ठगी के लिए कॉल किए थे। इसके लिएए गुजरात स्थित वीओआइपी कंपनी की सेवाओं का उपयोग किया था। शातिराना अंदाज में इन ठगों ने विदेशों से ठगी की। अक्टूबर 2022 में सीबीआई के ऑपरेशन चक्र के तहत जांच के शुरुआती चरण में 11 ऐसे कॉल सेंटरों/संस्थाओं की तलाशी ली गई। एफबीआई ने सीबीआई को यह भी बताया कि इस मामले के आरोपियों को पहले ही अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ इसी तरह की धोखाधड़ी गतिविधियों के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका में अभियोग का सामना करना पड़ा था।
इससे पहले एक अन्य आरोपी के खिलाफ सीबीआई की ओर से आरोप पत्र दाखिल किया गया था। सीबीआई अंतरराष्ट्रीय समकक्षों के सहयोग से भारत से संचालित किसी भी अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क की पहचान करने और उसे नष्ट करने के लिए तत्परता से काम कर रही है।