1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका प्रिवेंटिव अरेस्ट, दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में पेश किया

अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका प्रिवेंटिव अरेस्ट, दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में पेश किया

 Reported By: Abhay Parashar,  Written By: Niraj Kumar
 Published : Oct 11, 2026 08:39 am IST,  Updated : Oct 11, 2026 09:34 am IST

कॉकरोच जनता पार्टी के तीनों शीर्ष नेताओं को दिल्ली पुलिस ने एहतियातन गिरफ्तार किया है। तीनों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। कल दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था।

सीजेपी के तीनों नेता...- India TV Hindi
सीजेपी के तीनों नेता अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका Image Source : PTI

कॉकरोच जनता पार्टी के तीनों शीर्ष नेताओं को दिल्ली पुलिस ने एहतियातन गिरफ्तार किया है। तीनों को कल दिल्ली लैंड करते ही एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया था। ऐसा लग रहा था कि देर शाम तक उनकी रिहाई हो जाएगी। लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रखने के ऐलान के बाद इन तीनों को पुलिस ने प्रिवेंटिव अरेस्ट यानी एहतियातन तौर पर गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक तीनों को दिल्ली कैंट थाने में कार्यपालक मजिस्ट्रेट  (Special Excutive Magistrate) के सामने पेश किया जाएगा।

सीजेपी के नेताओं सौरव दास, आशुतोष और अभिजीत दिपके के खिलाफ BNSS की धारा 126 (शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा) और 170 (संज्ञेय अपराधों को रोकने के लिए गिरफ्तारी) के तहत आरोप लगाए गए हैं।

24 घंटे से ज्यादा हिरासत में नहीं रख सकती पुलिस

दरअसल, पुलिस कानून की प्रक्रिया का पालन करते हुए किसी व्यक्ति को 24 घंटे से ज्यादा हिरासत में नहीं रख सकती, और उसको अदालत में पेश करना जरूरी होता है। इस प्रक्रिया का पालन करते हुए पुलिस हिरासत में रखे गए अभिजीत समेत अन्य नेताओं को कोर्ट में पेश कर सकती है।

यदि पुलिस को लगता है कि कोई व्यक्ति कोई बड़ा अपराध (cognizable offence) करने वाला है या शांति भंग कर सकता है, तो उसे अपराध करने से रोकने के लिए धारा 170 के तहत बिना वारंट के गिरफ्तार किया जा सकता है। पुलिस इस धारा के तहत किसी को भी 24 घंटे से अधिक हिरासत में नहीं रख सकती।

24 घंटे के भीतर पुलिस को उस व्यक्ति को एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना होता है। वहां धारा 126 के तहत शांति बनाए रखने के लिए एक बांड (Bond/गारंटी) भरवाया जाता है, जिसके बाद व्यक्ति को छोड़ दिया जाता है।

कॉकरोच जनता पार्टी को प्रदर्शन की नहीं मिली थी इजाजत

बता दें कि शनिवार को दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट का आह्वान कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से किया गया था। पुलिस ने नई दिल्ली जिले में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति और निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। मनाही के बावजूद, कई प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें अलग-अलग स्थानों पर हिरासत में ले लिया।

इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सीजेपी के तीनों नेता मुंबई से दिल्ली विमान से पहुंचे थे। दिल्ली एयरपोर्ट पर तीनों को हिरासत में लेने की खबर आई थी। वहीं शनिवार को दिनभर जंतर-मंतर के आसपास के इलाकों में प्रदर्शनकारियों को पकड़ने में पुलिस और सीएपीएफ की टीम लगी रही। जंतर-मंतर की किलेबंदी कर दी गई थी। सुरक्षा के ऐसे बंदोबस्त किए गए ताकि कोई भी शख्स जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच सके।

शनिवार को लगभग 3,000 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के दौरान दिल्ली पुलिस के छह कर्मियों को चोटें आईं, जिनमें 'पिंक फोर्स' की एक महिला सदस्य भी शामिल है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।  घायल सुरक्षा कर्मियों को इलाज के लिए आस-पास के अस्पतालों में ले जाया गया और उनके घायल होने की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है। 

ये भी पढ़ें:

दिल्ली में इन 30 रास्तों पर रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन, पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत।