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CBSE OSM में गड़बड़ी पर बोले धर्मेंद्र प्रधान, ‘जिम्मेदारी मेरी, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई’

 Published : May 28, 2026 01:47 pm IST,  Updated : May 28, 2026 01:47 pm IST

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रक्रिया में आई गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेते हुए छात्रों को समाधान का भरोसा दिया। IIT कानपुर और IIT मद्रास के विशेषज्ञ जांच में मदद करेंगे।

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान। Image Source : PTI

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) मूल्यांकन प्रक्रिया में सामने आई गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेते हुए छात्रों को भरोसा दिलाया कि किसी भी शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई व्यक्ति जानबूझकर गड़बड़ी का दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। धर्मेंद्र प्रधान ने CBSE मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर 12वीं की कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन प्रक्रिया में छात्रों को आ रही तकनीकी और भुगतान संबंधी समस्याओं की समीक्षा की।

'एक भी शिकायत अनसुनी या अनसुलझी नहीं रहेगी'

बैठक के बाद उन्होंने कहा, 'गड़बड़ियों की जिम्मेदारी मैं लेता हूं। इन समस्याओं को ठीक किया जाएगा और जरूरी कदम उठाए जाएंगे। मैं छात्रों को भरोसा दिलाता हूं कि उनकी एक भी शिकायत अनसुनी या अनसुलझी नहीं रहेगी। इस साल करीब 17 लाख छात्रों ने सीबीएसई की परीक्षा दी। छात्रों की कुल 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं सुरक्षित रखी गई हैं। प्रत्येक कॉपी में औसतन 40 पन्ने हैं, यानी लगभग 40 करोड़ स्कैन किए गए पन्नों का पहली बार OSM प्रक्रिया के जरिए मूल्यांकन किया गया।'

'ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली एक मान्य प्रक्रिया'

प्रधान ने कहा, 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली एक छात्र हितैषी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मूल्यांकन में पारदर्शिता बढ़ाना है। हालांकि पहली बार इसे लागू करने के कारण कुछ तकनीकी गड़बड़ियां सामने आई हैं। यह पहली बार था जब सीबीएसई ने इस प्रणाली का इस्तेमाल किया और कुछ विसंगतियां सामने आई हैं। मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं और भरोसा दिलाता हूं कि समाधान निकाला जाएगा। हम लगातार इस पर काम कर रहे हैं।'

IIT कानपुर, IIT मद्रास के विशेषज्ञ करेंगे मदद

धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि सॉफ्टवेयर और तकनीकी समस्याओं की जांच और समाधान के लिए IIT कानपुर और IIT मद्रास के विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। ये विशेषज्ञ CBSE की तकनीकी टीम के साथ मिलकर पूरे सिस्टम की समीक्षा करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रों को भुगतान संबंधी परेशानी न हो, इसके लिए वित्त मंत्रालय से चर्चा के बाद 4 सरकारी बैंकों स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक के पेमेंट गेटवे को सीबीएसई पोर्टल से जोड़ा गया है।

'गड़बड़ी का दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा'

शिक्षा मंत्री ने कहा, 'छात्रों को जो भी परेशानी हुई है, उसकी जिम्मेदारी हम लेते हैं और इसके लिए खेद भी जताते हैं। मैं भरोसा दिलाता हूं कि अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर इन गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार पाया गया, तो चाहे वह CBSE के अंदर हो या बाहर, उसे बख्शा नहीं जाएगा।' उन्होंने राजनीतिक दलों से इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने की अपील भी की। प्रधान ने कहा कि सबसे बड़ी प्राथमिकता छात्रों का मानसिक तनाव कम करना होना चाहिए।

प्रधान ने राहुल गांधी पर भी साधा निशाना

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा सीबीएसई परिणामों में 'बड़ी छेड़छाड़' के आरोप लगाए जाने पर धर्मेंद्र प्रधान ने जवाब देते हुए कहा कि CBSE ने इस मामले में जिम्मेदारी से प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, 'अगर कोई अनियमितता पाई जाती है तो किसी को नहीं छोड़ा जाएगा। लेकिन राहुल गांधी लगातार चुनाव हारने के कारण अलग मानसिक स्थिति में नजर आते हैं। उन्होंने पहले राफेल, ईवीएम और डिजिटल इंडिया का भी विरोध किया था। ऐसा लगता है कि वे भारत की वैज्ञानिक प्रगति के खिलाफ हैं।' प्रधान ने कहा कि सरकार ने खुद गड़बड़ियों की जिम्मेदारी ली है, इसलिए इस समय राजनीति करने के बजाय छात्रों के हित को प्राथमिकता देनी चाहिए।

वायरल लिंक को लेकर CBSE की सफाई

इस बीच CBSE ने भी स्पष्ट किया कि OSM मूल्यांकन के लिए इस्तेमाल किया गया वास्तविक पोर्टल पूरी तरह सुरक्षित है और उसमें कोई सेंध नहीं लगी है। बोर्ड ने कहा कि सोशल मीडिया पर जो यूआरएल वायरल हो रहा है, वह केवल एक टेस्टिंग साइट थी, जिसमें सैंपल डेटा मौजूद था और उसका लाइव मूल्यांकन प्रणाली से कोई संबंध नहीं था।

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