भारत के चुनाव आयोग ने देश के वोटर्स के लिए एक बड़ी सुविधा लॉन्च कर दी है। चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट से नाम कटवाने या जोड़ने में पहचान की गड़बड़ी रोकने के लिए ई-साइन सुविधा शुरू की है। चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा है कि ये सुविधा जुलाई अगस्त में शुरू हुई थी। इसका राहुल गांधी के आरोप से कोई लेना देना नहीं है।
क्या है ई-साइन सुविधा?
चुनाव आयोग ने अपने आधिकारिक ईसीआईनेट पोर्टल और ऐप पर एक नई "ई-साइन" सुविधा शुरू की है। जो लोग नए वोटर के रूप में पंजीकरण करना चाहते हैं या नाम कटवाने/सुधार के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें अपनी पहचान आधार से जुड़े मोबाइल नंबर के जरिए सत्यापित करनी होगी। सूत्रों ने बताया है कि पहले भी ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद BLOs साइन कराने के लिए मतदाता के पास जाता था अब वह e sign के जरिए ऑनलाइन सत्यापित भी कर सकता है।
फर्जी तरीके से नाम कटवाने की संभावना काफी कम होगी
आवेदक चुनाव आयोग के ऐप और पोर्टल से सिर्फ फोन नंबर जोड़कर फॉर्म जमा कर सकते थे, चाहे वह नंबर मतदाता पहचान से जुड़ा हो या नहीं। बाद में BLOs सत्यापन को जाता था। अब ई-साइन सुविधा लागू होने के बाद फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर नाम कटवाने की संभावना काफी कम हो जाएगी।
30 सितंबर तक SIR के लिए तैयार रहें- चुनाव आयोग
चुनाव आयोग ने अपने राज्य चुनाव अधिकारियों को 30 सितंबर तक विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए तैयार रहने को कहा है। चुनाव आयोग के इस निर्देश से साफ है कि अगले महीने से पूरे देश में मतदाताओं के सत्यापन और मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। चुनाव आयोग अक्टूबर-नवंबर की शुरुआत में मतदाता सूची की सफाई का काम शुरू कर सकता है।
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