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मंदिरों पर दावे से लेकर करोड़ों की जमीन 12000 रुपये में किराए पर देने तक, अमित शाह ने वक्फ बोर्ड की खोली परतें

 Edited By: Akash Mishra
 Published : Apr 02, 2025 08:12 pm IST,  Updated : Apr 02, 2025 08:15 pm IST

आज लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर जोरदार चर्चा हो रही है। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने गिनाया कि वक्फ बोर्ड ने किन-किन जगहों पर अपना दावा किया था।

लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर बोले अमित शाह- India TV Hindi
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर बोले अमित शाह Image Source : PTI

लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर आज चर्चा हो रही है। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश भर में वक्फ बोर्ड के कुख्यात सौदों और भूमि दावों के ऊपर भी बोला। साथ ही, उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 के खिलाफ जाने के लिए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह विधेयक किसी भी गैर-मुस्लिम को वक्फ बोर्डों के प्रबंधन में नहीं लाएगा और न ही सरकार ऐसा करने का इरादा रखती है।

शाह ने इतिहास के कई मामलों और उदाहरणों को भी सूचीबद्ध किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि वक्फ बोर्ड ने मौजूदा वक्फ कानूनों के तुच्छ प्रावधानों का उपयोग करके गैर-मुस्लिमों और मंदिरों के स्वामित्व वाली जमीन पर दावा किया। सरकार ने तर्क दिया कि वक़्फ़ का इस्तेमाल ज़मीन हड़पने के बहाने के तौर पर किया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भूमि हड़पने के कुछ उदाहरणों का उल्लेख किया, जिन्हें आप नाचे बिंदुओं के माध्यम से समझ सकते है। 

  • वक्फ बोर्ड के स्वामित्व वाली 500 करोड़ रुपये की कीमत की एक प्रमुख जमीन को मात्र 12,000 रुपये प्रति माह के किराए पर एक पांच सितारा होटल को किराए पर दे दिया गया, जिससे कुप्रबंधन और पक्षपात की चिंता पैदा हो गई।
  • कर्नाटक की मणिपड्डी समिति ने रिपोर्ट दी थी कि लगभग 29,000 एकड़ वक्फ भूमि विदेशी संस्थाओं को अक्सर संदिग्ध दरों पर पट्टे पर दी गई थी, जिससे राजस्व की काफी हानि हुई।
  • 2001 से 2012 के बीच 2 लाख करोड़ रुपये मूल्य की वक्फ संपत्तियां निजी संस्थाओं को 100 वर्ष की अवधि के लिए पट्टे पर दी गईं।
  • कर्नाटक हाई कोर्ट को वक्फ की 602 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण रोकने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा, जिससे धार्मिक ट्रस्टों से जुड़ी कानूनी लड़ाइयां और जमीन विवाद उजागर हुए।
  • कर्नाटक के विजयपुरा के होनवाड़ गांव में वक्फ बोर्ड द्वारा दावा किए जाने के बाद 1,500 एकड़ जमीन विवाद में आ गई, जिसके कारण स्वामित्व को लेकर कानूनी और प्रशासनिक संघर्ष शुरू हो गया।
  • कर्नाटक वक्फ बोर्ड ने प्रतिष्ठित दत्तपीठ मंदिर की भूमि पर दावा कर दिया, जिससे यह कानूनी विवाद में फंस गया।
  • थालीपरम्बा भूमि विवाद: केरल के थालीपरम्बा शहर में 600 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को उचित ठहराने के लिए 7,500 वर्ष पुराने दावे का हवाला दिया गया।
  • वक्फ बोर्ड ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर में महादेव मंदिर की जमीन पर दावा किया। इसके कारण हिंदू मंदिर प्राधिकारियों और वक्फ अधिकारियों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया।
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