नई दिल्ली: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने रविवार को गुजरात के अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे पर पश्चिमी मीडिया की रिपोर्टों की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि उन्हें विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की जांच पर पूरा भरोसा है। अंतिम रिपोर्ट आने से पहले कोई भी टिप्पणी करना सही तरीका नहीं है। यूपी के गाजियाबाद में हिंडन हवाई अड्डे से नौ शहरों के लिए इंडिगो की उड़ान सेवाओं को हरी झंडी दिखाने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने यह टिप्पणी की।
पश्चिमी मीडिया ने पायलटों को दोषी ठहराया
उन्होंने कहा कि पश्चिमी मीडिया में अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसे के लिए पायलटों की आलोचना की गई है। 12 जून को के हादसे के लिए अक्सर पायलटों को दोषी ठहराता रहा है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दावा किया कि "कप्तान ने ही विमान के दोनों इंजनों में ईंधन के प्रवाह को नियंत्रित करने वाले स्विच बंद कर दिए थे।"
अंतिम रिपोर्ट से पहले निष्कर्ष निकालना सही नहीं
नायडू ने पश्चिमी मीडिया के दावों पर निशाना साधते हुए कि वे अफवाहें फैलाने और बिना पुष्टि वाली खबरें छापने से बचें। उन्होंने कहा कि हमें AAIB की जांच पर पूरा भरोसा है। उन्होंने ब्लैक बॉक्स को भारत में ही डिकोड कर एक बेहतरीन का किया है। इसलिए जब तक अंतिम रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक कोई भी निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं है।
इस तरह की कार्रवाई गैर-जिम्मेदाराना
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक एएआईबी के महानिदेशक जीवीजी युगंधर ने कहा, "हमारे संज्ञान में आया है कि अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के कुछ वर्ग बार-बार चुनिंदा और असत्यापित रिपोर्टिंग के माध्यम से निष्कर्ष निकालने का प्रयास कर रहे हैं। इस तरह की कार्रवाई गैर-जिम्मेदाराना है, खासकर जब जांच जारी है।"
क्या है AAIB की शुरुआती रिपोर्ट?
बता दें कि AAIB ने अभी तक अपनी अंतिम रिपोर्ट नहीं दी है। केवल शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 के दोनों इंजन में ईंधन पहुंचाने वाले स्विच बंद हो गए थे और इसके बाद पायलटों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई, जिसके कुछ ही सेकंड बाद विमान अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक पायलट ने दूसरे से पूछा कि उसने ईंधन क्यों बंद किया, तो जवाब मिला कि उसने ऐसा नहीं किया।
एएआईबी द्वारा जारी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया कि विमान के ऑपरेटरों के लिए फिलहाल कार्रवाई की कोई सिफारिश नहीं की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, जब विमान ने उड़ान भरी, उस समय को-पायलट विमान उड़ा रहा था और कप्तान निगरानी कर रहा था। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘विमान ने भारतीय समयानुसार दोपहर एक बजकर 38 मिनट 42 सेकंड पर अधिकतम दर्ज की गई गति 180 नॉट्स आईएएस हासिल की और एक सेकेंड बाद ही इंजन-1 और इंजन-2 के ईंधन ‘कटऑफ स्विच’ क्रमशः रन’ से कटऑफ’ स्थिति में चले गए।’’
उड़ान भरने के बाद पायलट ने ‘मे डे- मे डे' संदेश दिया
रिपोर्ट में कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डिंग के हवाले से कहा गया है, ‘‘एक पायलट ने दूसरे से पूछा कि उसने ईंधन स्विच ऑफ क्यों किया, तो वह जवाब देता है कि उसने ऐसा नहीं किया।’’ विमान ने भारतीय समयानुसार दोपहर एक बजकर 38 मिनट 39 सेकंड पर उड़ान भरी और एक बजकर 39 मिनट 05 सेकंड पर एक पायलट ने ‘मे डे- मे डे- मे डे’ संदेश दिया।