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शाहिद कपूर की ‘फर्जी’ वेब सीरीज देखने के बाद छापने लगे नकली नोट, पुलिस ने 5 लोगों को पकड़ा

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX Published : Oct 06, 2023 04:49 pm IST, Updated : Oct 06, 2023 04:49 pm IST

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने फर्जी नोट के कुछ ऐसे सौदागरों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने शाहिद कपूर की ‘फर्जी’ वेब सीरीज से प्रेरणा लेकर अपराध की दुनिया में कदम रखा।

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Image Source : TWITTER.COM/CRIMEBRANCHDP दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

नई दिल्ली: शाहिद कपूर की वेबसीरीज 'फर्जी' से प्रेरणा लेकर नकली भारतीय करेंसी का धंधा करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने भंडाफोड़ करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों में कार्टेल का 25 साल का सरगना सकूर मोहम्मद भी शामिल है। इसके अलावा लोकेश यादव (28), हिमांशु जैन (47), शिव लाल (30) और संजय गोदारा (22) को भी पकड़ा गया है। ये सभी आरोपी राजस्थान के रहने वाले हैं।

अक्षरधाम मंदिर के पास पकड़े गए आरोपी

विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध) रवींद्र सिंह यादव ने कहा कि फर्जी करंसी के धंधे में शामिल एक सिंडिकेट के संदिग्ध सदस्यों की गतिविधियों पर निगरानी रखी गई थी। उन्होंने कहा कि सकूर और लोकेश नाम के दो अपराधियों के बारे में स्पेशल इनपुट मिला था कि वे एक रिसीवर को नकली नोटों की खेप पहुंचाने के लिए अक्षरधाम मंदिर के पास के इलाके में आएंगे। इसके बाद जाल बिछाया गया और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी तलाशी के दौरान उनके पास से 500 रुपये मूल्य के 6 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए।


अजमेर से गिरफ्तार किए गए और आरोपी
पूछताछ करने पर आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्हें ये नकली नोट हिमांशु जैन, शिव लाल और उनके भाई संजय से सर्कुलेशन के लिए मिले थे। स्पेशल सीपी ने कहा कि यह भी पता चला कि आरोपी व्यक्तियों राधे, सकूर और शिव लाल ने जमकर पैसे कमाने के लिए अजमेर में नकली नोटों की छपाई का पूरा सेटअप लगाने का प्लान बनाया था। इसके बाद उन्होंने अजमेर में एक किराए के घर पर नकली नोट छापने और दिल्ली-एनसीआर के ग्राहकों को नकली नोट चलाने के लिए सिंडिकेट का संचालन किया। इन खुलासों के बाद अजमेर में छापेमारी की गई और हिमांशु, शिव लाल और संजय को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने जब्त किए आरोपियों के सामान
आरोपियों के कब्जे से 11 लाख रुपये मूल्य के 500 के नकली नोट बरामद किए गए। स्पेशल सीपी ने बताया कि आगे की जांच करने पर नकली नोट छापने में इस्तेमाल 2 लैपटॉप, 3 रंगीन प्रिंटर, 2 लेमिनेशन मशीन, 2 पेन ड्राइव, पेपर शीट, स्याही और केमिकल, 'सुरक्षा धागे' के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली 2 गॉज, हरी फाइल शीट और नकली नोट पर 500 लिखने करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फ्रेम शामिल हैं। अजमेर में किराये के मकान से चमकती हुई स्याही भी बरामद की गई। इसके अलावा आरोपियों के पास से मोबाइल, सिम कार्ड, एक क्रेटा और एक स्विफ्ट भी जब्त की गई।

सकूर निकला सिंडिकेट का मास्टरमाइंड
स्पेशल सीपी ने बताया कि सकूर पेशे से पेंटर था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 2015 में अजमेर आया था। उन्होंने कहा कि वह सिंडिकेट का मास्टरमाइंड है और अमेजन प्राइम वीडियो पर 'फर्जी' वेबसीरीज देखने के बाद नकली नोट छापने का आइडिया आया था। सकूर शिव लाल और राधे ने अजमेर में नकली नोटों की छपाई के लिए एक सेटअप स्थापित किया। एक चित्रकार के रूप में अपने बैकग्राउंड के कारण उन्हें केमिकल्स और स्याही की अच्छी समझ थी, जिसका उपयोग उन्होंने नकली नोट बनाने में किया था। (IANS)

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