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Haryana News: फरीदाबाद में सीवर में उतरे चार मजदूरों की मौत के मामले में NHRC ने हरियाणा सरकार को भेजा नोटिस

 Edited By: Pankaj Yadav
 Published : Oct 06, 2022 07:05 pm IST,  Updated : Oct 06, 2022 07:05 pm IST

Haryana News: फरीदाबाद सेक्टर-16 स्थित मैरिंगो क्यूआरजी अस्पताल में सीवर की सफाई करने मैनहोल में उतरे चार सफाईकर्मियों की जहरीली गैस से दम घुटने के कारण मौत हो गई थी। वे बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवर की सफाई करने उतरे थे। इस मामले को लेकर NHRC ने हरियाणा सरकार को नोटिस भेजा है।

NHRC sent notice to Haryana government- India TV Hindi
NHRC sent notice to Haryana government

Highlights

  • फरीदाबाद में प्राइवेट अस्पताल के सीवर टैंक की सफाई करने गए थे मजदूर
  • सफाई करने उतरे चार मजदूरों की जहरीली गैस से हुई थी मौत
  • मामले को लेकर NHRC ने हरियाणा सरकार को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है

Haryana News: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने फरीदाबाद में प्राइवेट अस्पताल के सीवर टैंक की सफाई करने उतरे चार मजदूरों की जहरीली गैस से मौत के मामले में हरियाणा सरकार को नोटिस भेजा है। NHRC ने मीडिया में पब्लिश्ड खबरों पर स्वत: संज्ञान लिया है। सीवर की सफाई के दौरान मजदूरों की मौत की घटना बुधवार को हुई थी। आयोग ने हरियाणा के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा कि उम्मीद है कि रिपोर्ट में सरकार द्वारा गरीबों और वंचित लोगों के मानवाधिकार के घोर उल्लंघन को रोकने के लिए उठाए गए कदमों या जिन कदमों को उठाया जाना है, उसकी जानकारी भी देगी। 

मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया गया या नहीं इसकी भी जानकारी दे सरकार -NHRC

NHRC ने कहा कि इस वर्ग के लोगों से निजी/सरकारी संगठनों द्वारा बिना उपकरणों के सीवर की सफाई का काम कराए जाने की आशंका रहती है। आयोग ने अधिकारियों से इस मामले में प्राथमिकी की स्थिति और अगर मृतकों के परिवारों को कोई मुआवजा दिया गया है, तो उसकी भी जानकारी देने को कहा है। 

NHRC ने नोटिस में ये कहा

NHRC ने नोटिस जारी करते हुए टिप्पणी की कि हाईकोर्ट द्वारा इस मामले पर निर्णय दिए जाने और समय-समय पर सरकारी एजेंसियों द्वारा दिशानिर्देश जारी किए जाने के बावजूद सीवर सफाई कर्मियों के जीवन को खतरे में डाला जा रहा है और यह आदेशों की अवहेलना के समान है। गौरतलब है कि आयोग ने पिछले साल 24 सितंबर को खतरनाक सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले व्यक्तियों के ‘मानवाधिकार की रक्षा’ के लिए परामर्श जारी किया था।

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