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केरल में जिस जगह 7 जुलाई को हुआ था भूस्खलन, वहां आज फिर शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन, अब तक 7 शव बरामद

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : Jul 11, 2026 11:38 am IST,  Updated : Jul 11, 2026 12:08 pm IST

केरल के वायनाड में 7 जुलाई को हुए भूस्खलन की भयावह तस्वीरें सामने आई थीं और ये आशंका जताई गई थी कि इस घटना में कई लोगों की जान जा सकती है। आज फिर यहां खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया है।

Kerala Wayanad- India TV Hindi
केरल के वायनाड में भूस्खलन Image Source : ANI

वायनाड: केरल के वायनाड में 7 जुलाई को भूस्खलन हुआ था, जिसका फुटेज भी सामने आया था। यहां आज फिर से खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया है। अब तक 7 शव बरामद किए जा चुके हैं।

7 जुलाई को वायनाड में क्या हुआ था?

केरल के वायनाड में 7 जुलाई को भूस्खलन हुआ था, जिसमें कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई थी। आनन-फानन में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ था और 3 लोगों की मौत की खबर कुछ ही समय बाद सामने आ गई थी।

मामला वायनाड के मेप्पाडी का था, जहां भीषण बारिश की वजह से भूस्खलन हुआ और लोग उसकी चपेट में आ गए। मीनाक्षी पुल के पास हुई ये घटना उस वक्त हुई थी, जब मजदूर टनल निर्माण के काम में लगे हुए थे।

दरअसल यहां काम करने के लिए 2 बसों में स्थानीय मजदूरों को लाया गया था लेकिन जब भूस्खलन हुआ तो बसें और कैंप दोनों प्रभावित हुए। ऐसे में लोग जान बचाकर भागे लेकिन कुछ भूस्खलन की चपेट में आ गए।

भूस्खलन क्या होता है और क्यों होता है?

भूस्खलन (Landslide) एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। इस दौरान पहाड़ी ढलान, पहाड़ या किसी ढलान वाले क्षेत्र की मिट्टी, चट्टानें, बजरी और मलबा नीचे की ओर फिसलकर गिर जाते हैं। ये गुरुत्वाकर्षण (gravity) की वजह से भी होता है और इसके पीछे मानवीय कारण भी जिम्मेदार हैं।

वन कटाई, अनियोजित निर्माण, ढलान पर भारी वजन और खराब जल निकासी की वजह से भूस्खलन होता है। ये भूस्खलन के मानवीय कारण हैं।

वहीं भारी वर्षा या बर्फ पिघलना, भूकंप, ज्वालामुखी गतिविधि, ढलान की प्राकृतिक बनावट, कटाव-बर्फ और हिमस्खलन संबंधी चीजों की वजह से भी भूस्खलन होता है। ये भूस्खलन के प्राकृतिक कारण हो सकते हैं।

भूस्खलन रोकथाम के उपाय

अगर भूस्खलन प्राकृतिक वजहों से हो रहा है तो उस पर तो बहुत नियंत्रण नहीं किया जा सकता है लेकिन अगर मानवीय कारणों से हो रहा है तो कुछ चीजें ऐसी हैं, जिन्हें करके ऐसा किया जा सकता है।

जल निकासी प्रणाली, रिटेनिंग वॉल्स, ग्रेडिंग और टेरेसिंग, शॉटक्रीट और नेटिंग, वनरोपण और वृक्षारोपण, वन संरक्षण करके भूस्खलन को रोकने की कोशिश की जा सकती है। 

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