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कल चीन जाएंगे NSA अजित डोभाल, विदेश मंत्री वांग यी के साथ सीमा विवाद समेत अहम मुद्दों पर करेंगे चर्चा

 Reported By: Manish Prasad Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Aug 23, 2026 02:36 pm IST,  Updated : Aug 23, 2026 03:10 pm IST

अजित डोभाल अपने समकक्ष और चीनी विदेश मंत्री के साथ बैठक करेंगे। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य चीन और भारत के बीच LAC पर सैनिकों की वापसी, डिसएंगेजमेंट और सीमा क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित करना है।

NSA अजीत डोभाल- India TV Hindi
NSA अजीत डोभाल Image Source : PTI

भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को लेकर कूटनीतिक स्तर पर एक अहम बैठक होने जा रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल सोमवार को चीन के बीजिंग शहर पहुंचेंगे। जहां वह भारत-चीन सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधि (Special Representatives) वार्ता में हिस्सा लेंगे। इस बैठक में उनके चीनी समकक्ष और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ सीमा विवाद समेत दोनों देशों के बीच संबंधों को लेकर अहम चर्चा होगी।

 LAC पर तनाव कम करने की प्रक्रिया जारी

यह वार्ता ऐसे समय हो रही है, जब भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC पर तनाव कम करने और सैन्य टकराव की स्थिति से बाहर निकलने की प्रक्रिया जारी है। जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हो गया था। इसके बाद पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन ने बड़ी संख्या में सैनिकों और सैन्य उपकरणों की तैनाती की थी।

इन मुद्दों पर भी होगी बात

हाल के सालों में दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनयिक स्तर पर कई दौर की बातचीत हुई है। इन वार्ताओं का उद्देश्य LAC पर सैनिकों की वापसी, डिसएंगेजमेंट और सीमा क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित करना रहा है।

राजनीतिक स्तर पर रास्ता तलाशना भी उद्देश्य

विशेष प्रतिनिधियों की व्यवस्था भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के राजनीतिक समाधान की तलाश के लिए बनाया गया महत्वपूर्ण मंच है। भारत की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और चीन की ओर से उनके समकक्ष इस तंत्र के तहत बातचीत करते हैं। इसका उद्देश्य केवल मौजूदा सैन्य तनाव को कम करना ही नहीं, बल्कि सीमा विवाद के व्यापक और दीर्घकालिक समाधान के लिए राजनीतिक स्तर पर रास्ता तलाशना भी है।

डोभाल और वांग यी के बीच बातचीत में LAC की स्थिति, सीमा पर शांति, सैनिकों की तैनाती, सीमा प्रबंधन और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठ सकते हैं।

 सीमा पर शांति और स्थिरता बुनियादी शर्त

भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि सीमा पर शांति और स्थिरता दोनों देशों के संबंधों के सामान्य होने के लिए बुनियादी शर्त है। वहीं, चीन भी सीमा विवाद को बातचीत के जरिए संभालने पर जोर देता रहा है।

इस बैठक की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों के बीच राजनयिक संवाद और सैन्य स्तर की बातचीत, दोनों महत्वपूर्ण हैं।

काफी अहम है डोभाल का ये दौरा

डोभाल का यह दौरा इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि विशेष प्रतिनिधि वार्ता सीमा विवाद के सिर्फ तत्काल सैन्य प्रबंधन का मंच नहीं है, बल्कि भारत-चीन सीमा प्रश्न के दीर्घकालिक राजनीतिक समाधान की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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