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PM Modi In Varanasi: पीएम मोदी ने स्वर्वेद मंदिर में जनसभा को किया संबोधित, जानें क्या-क्या कहा

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 14, 2021 05:09 pm IST,  Updated : Dec 14, 2021 05:09 pm IST

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "बनारस जैसे शहरों ने मुश्किल से मुश्किल समय में भी भारत की पहचान के, कला के, उद्यमिता के बीजों को सहेजकर रखा है। आज जब हम बनारस के विकास की बात करते हैं, तो इससे पूरे भारत के विकास का रोडमैप भी बनता है।"

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PM Modi In Varanasi: पीएम मोदी ने स्वर्वेद मंदिर में जनसभा को किया संबोधित, जानें क्या-क्या कहा Image Source : BJP/TWITTER

Highlights

  • पीएम मोदी- 'देश आजादी की लड़ाई में अपने गुरुओं, संत और तपस्वियों के योगदान को स्मरण कर रहा है'
  • 'ये भारत ही है जिसकी आज़ादी के सबसे बड़े नायक को दुनिया महात्मा बुलाती है'
  • पीएम मोदी ने कहा कि काशी में विकास के कार्य बहुत तेजी से हो रहे हैं

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के स्वर्वेद मंदिर में सद्गुरु सदाफल देव विहंगम योग संस्थान के कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "काशी की ऊर्जा अक्षुण्ण तो है ही, ये नित नया विस्तार भी लेती रहती है। कल काशी ने भव्य ‘विश्वनाथ धाम’ को महादेव के चरणों में अर्पित किया।" प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमारा देश इतना अद्भुत है कि यहां जब भी समय विपरीत होता है, कोई ना कोई संत विभूति समय की धारा को मोड़ने के लिए अवतरित हो जाती है। ये भारत ही है जिसकी आज़ादी के सबसे बड़े नायक को दुनिया महात्मा बुलाती है।" उन्होंने कहा, "आज देश आजादी की लड़ाई में अपने गुरुओं, संत और तपस्वियों के योगदान को स्मरण कर रहा है, नई पीढ़ी को उनके योगदान से परिचित करा रहा है। मुझे खुशी है कि विहंगम योग संस्थान भी इसमें सक्रिय भूमिका निभा रहा है।"

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "बनारस जैसे शहरों ने मुश्किल से मुश्किल समय में भी भारत की पहचान के, कला के, उद्यमिता के बीजों को सहेजकर रखा है। आज जब हम बनारस के विकास की बात करते हैं, तो इससे पूरे भारत के विकास का रोडमैप भी बनता है। रिंग रोड का काम भी काशी ने रिकॉर्ड समय पर पूरा किया है। बनारस आने वाली कई सड़कें भी अब चौड़ी हो गई हैं। जो लोग सड़क के रास्ते बनारस आते हैं, वो सुविधा से कितना फर्क पड़ा है, इसे अच्छे से समझते हैं।" पीएम मोदी ने कहा, "मैं जब काशी आता हूं या दिल्ली में भी रहता हूं तो प्रयास रहता है कि बनारस में हो रहे विकास कार्यों को गति देता रहूं। कल रात 12 बजे के बाद जैसे ही मुझे अवसर मिला, मैं फिर निकल पड़ा था अपनी काशी में जो काम चल रहे हैं, जो काम किया गया है, उनको देखने के लिए।"

पीएम मोदी ने कहा, "गौदोलिया में जो सुंदरीकरण का काम हुआ है, देखने योग्य बना है। मैंने मडुवाडीह में बनारस रेलवे स्टेशन भी देखा। इस स्टेशन का भी अब कायाकल्प हो चुका है। पुरातन को समेटे हुए नवीनता को धारण करना, बनारस देश को नई दिशा दे रहा है।" प्रधानमंत्री ने कहा, "बनारस के विकास का सकारात्मक असर यहां आने वाले पर्यटकों पर भी पड़ रहा है। 2014-15 के मुकाबले में 2019-20 में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या दोगुनी हो गई है। 2019-20 कोरोना कालखंड में अकेले बाबतपुर एयरपोर्ट से ही 30 लाख से ज्यादा लोगों का आना-जाना हुआ है।"

मोदी ने कहा, "स्वाधीनता संग्राम के समय सद्गुरु ने हमें मंत्र दिया था- स्वदेशी का। आज उसी भाव में देश ने अब ‘आत्मनिर्भर भारत मिशन’ शुरू किया है। आज देश के स्थानीय व्यापार-रोजगार को, उत्पादों को ताकत दी जा रही है, लोकल को ग्लोबल बनाया जा रहा है।" उन्होंने कहा, "हमारा गौ-धन हमारे किसानों के लिए केवल दूध का ही स्रोत न रहे, बल्कि हमारी कोशिश है कि गौवंश प्रगति के अन्य आयामों में भी मदद करे। आज देश गोबरधन योजना के जरिए बायो-फ्यूल को बढ़ावा दे रहा है, ऑर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ावा दे रहा है।"

प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं आज आप सभी से कुछ संकल्प लेने का आग्रह करना चाहता हूं। ये संकल्प ऐसे होने चाहिए जिसमें सद्गुरु के संकल्पों की सिद्धि हो और जिसमें देश के मनोरथ भी शामिल हों। ये ऐसे संकल्प हो सकते हैं जिन्हें अगले दो साल में गति दी जाए, मिलकर पूरा किया जाए।" उन्होंने कहा, "एक संकल्प ये हो सकता है- हमें बेटी को पढ़ाना है, उसका स्किल डेवलपमेंट भी करना है। अपने परिवार के साथ-साथ जो लोग समाज में जिम्मेदारी उठा सकते हैं, वो एक दो गरीब बेटियों के स्किल डेवलपमेंट की भी ज़िम्मेदारी उठाएं।"

पीएम मोदी ने आगे कहा, "एक और संकल्प हो सकता है पानी बचाने को लेकर। हमें अपनी नदियों को, गंगा जी को, सभी जल स्रोतों को स्वच्छ रखना है।" इसके अलावा उन्होंने अपने संबोधन में गीता जयंती के पुण्य अवसर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "आज गीता जयंती का पुण्य अवसर है। आज के ही दिन कुरुक्षेत्र की युद्ध की भूमि में जब सेनाएं आमने सामने थीं, मानवता को योग, आध्यात्म और परमार्थ का परम ज्ञान मिला था। इस अवसर पर भगवान कृष्ण के चरणों में नमन करते हुए आप सभी को, सभी देशवासियों को गीता जयंती की हार्दिक बधाई देता हूं।"

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