1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. उत्तराखंड में कब से लागू होगा UCC? CM पुष्कर सिंह धामी ने दिया बड़ा अपडेट

उत्तराखंड में कब से लागू होगा UCC? CM पुष्कर सिंह धामी ने दिया बड़ा अपडेट

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Dec 18, 2024 04:37 pm IST,  Updated : Dec 18, 2024 04:37 pm IST

पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि राज्य सरकार अपने संकल्प के अनुसार UCC को लागू करने के लिए पूरी तैयारी कर चुकी है और जनवरी 2025 से इसे राज्यभर में लागू कर दिया जाएगा।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी - India TV Hindi
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी Image Source : PTI

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ऐलान किया कि राज्य में जनवरी 2025 से समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा देहरादून में उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड (UIIDB) की बैठक के दौरान की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अपने संकल्प के अनुसार UCC को लागू करने के लिए पूरी तैयारी कर चुकी है और जनवरी 2025 से इसे राज्यभर में लागू कर दिया जाएगा।

इसके साथ ही उत्तराखंड आजादी के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला प्रदेश बन जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादे को पूरा किया जा रहा है। मार्च 2022 में जब राज्य में नई सरकार बनी थी, तो पहले ही मंत्रिमंडल की बैठक में यूसीसी लागू करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्णय लिया गया था।

7 फरवरी को पारित किया गया था विधेयक

उन्होंने बताया कि इस समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई ने की और इस समिति ने अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को दी। उसी रिपोर्ट के आधार पर 7 फरवरी 2024 को राज्य विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक-2024 पारित किया गया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विधेयक पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सहमति मिलने के बाद 12 मार्च 2024 को इसे अधिसूचित किया गया। सीएम धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य समाज में समानता लाना और खासकर देवभूमि की महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण के नए द्वार खोलना है। उन्होंने इसे 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' की मूल भावना के अनुरूप बताया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यूसीसी के प्रावधानों को लागू करने के लिए कर्मियों को प्रशिक्षण देने के साथ ही जरूरी आधारभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि अधिक से अधिक सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन किया जाएगा, ताकि आम जनता को सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इसके लिए एक पोर्टल और मोबाइल ऐप भी तैयार किया गया है, जिससे पंजीकरण और अपील जैसी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हो सकेंगी। (भाषा)

ये भी पढ़ें- 

जम्मू-कश्मीर की भी स्थिति हिमाचल और उत्तराखंड जैसी हो सकती है? महबूबा मुफ्ती ने ऐसा क्यों कहा?

उमर खालिद को मिली 7 दिन की अंतरिम जमानत, कड़कड़डूमा कोर्ट ने दी राहत

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत