नई दिल्ली: इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने 'The International Adolescent Leadership Summit 2025' में युवाओं को कई अहम टिप्स दिए। अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं से जीवन कौशल, मानसिक स्वास्थ्य और तकनीकी चुनौतियों पर बात की। रजत शर्मा ने अपने संबोधन में युवाओं को सीखने की प्रक्रिया कभी न रोकने की सलाह दी और आधुनिक चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे डीपफेक और AI अब दुनिया के सामने नई चुनौतियां लेकर सामने आए हैं।
'हमारे स्टूडेंट्स के सामने चुनौतियां भी बहुत हैं'
रजत शर्मा ने देश के जाने-माने मनोचिकित्सक डॉक्टर जितेंद्र नागपाल से अपने रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा, 'सबसे पहले मैं दिल से डॉ. जितेंद्र नागपाल जी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। आज आपसे मेरा रिश्ता पूरे 21 साल पुराना हो गया है। ये रिश्ता सिर्फ समय के साथ बढ़ा नहीं, बल्कि और ज्यादा मजबूत और जवान हुआ है। हर साल मैं यहां इस सोच के साथ आता हूं कि आज मैं आपको बहुत कुछ बताऊंगा, लेकिन सच यह है कि मैं हर बार यहां से बहुत कुछ सीखकर जाता हूं। आज के समय में हमारे स्टूडेंट्स के सामने चुनौतियां भी बहुत हैं। दुनिया में क्या हो रहा है, मेंटल हेल्थ से जुड़े कौन-कौन से नए चैलेंज सामने आ रहे हैं, इन सबको समझना आज बेहद जरूरी हो गया है।'
'आज AI का जमाना है, डीपफेक का जमाना है'
रजत शर्मा ने आगे कहा, 'सोशल मीडिया पर जो असीमित जानकारी उपलब्ध है, वह अपने आप में एक बड़ा चैलेंज बन चुकी है। आज AI का जमाना है, डीपफेक का जमाना है। मेरे खुद के कई डीपफेक वीडियो सामने आए हैं, और जब तक हम उन्हें हटाते हैं, तब तक वे लाखों व्यूज पा चुके होते हैं। बुजुर्गों को भी समझाना चाहिए क्योंकि उनको नहीं पता है AI और डीपफेक के बारे में। जैसे मेरे पुराने दोस्त मशहूर उस्ताद अमजद अली खां साहब ने एक बार मुझसे कहा था कि 'आपसे लोग इतना प्यार करते हैं, आपके पास सब कुछ है, आपको डायबिटीज की दवाई बेचने की जरूरत नहीं है।' इस बात का मतलब यही है कि विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है।'
'सीखने का सिलसिला कभी रुकना नहीं चाहिए'
रजत शर्मा ने अडवांस्ड टेक्नोलॉजी के दौर में पेश आ रही चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा, 'जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। आज हमें अपने बुजुर्गों को भी समझाना पड़ता है। जैसे मेरे फादर-इन-लॉ को हमने साफ समझाया है कि किसी भी अनजान कॉल को न उठाएं, क्योंकि फ्रॉड और स्कैम बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। आज के यंगस्टर्स जागरूक हैं, रेस्टोरेंट जाते हैं, तस्वीर लेते हैं, दोस्तों से शेयर करते हैं। आप लोग समझदार हैं, आपको पता है कि दुनिया कैसे काम कर रही है। मेरी आप सबसे यही अपील है, जहां भी कुछ सीखने को मिले, सीखिए। सीखने के लिए हमेशा ओपेन रहिए, जैसे डॉ. जितेंद्र नागपाल जी हमेशा सीखते और सिखाते रहते हैं। क्योंकि सच यही है कि सीखने का सिलसिला कभी रुकना नहीं चाहिए।'
छात्रों के सवाल और रजत शर्मा के जवाब
कार्यक्रम में रजत शर्मा से छात्रों ने भी कई दिलचस्प सवाल पूछे। इनमें सलमान खान के साथ 'आप की अदालत' शो से जुड़ी यादें, जर्नलिज्म में करियर कैसे बनाएं, नेताओं से कैसे डील करें और रोल मॉडल कौन हैं जैसे मुद्दे शामिल थे। रजत शर्मा ने बड़े ही सरल तरीके से अपने अनुभव साझा किए। सलमान खान के साथ 'आप की अदालत' एपिसोड पर बात करते हुए रजत शर्मा ने बताया कि जब इंडिया टीवी लॉन्च हुआ, तो पहली स्टोरी एक स्टिंग ऑपरेशन थी, बॉलीवुड में कास्टिंग काउच पर। उन्होंने कहा, 'सलमान खान को ये पसंद नहीं आया। फिर हमने गोविंदा पर स्टोरी की, जिससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई। फिर उनकी दबंग मूवी आई। तब शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि उनको अदालत में बुलाया जाए, क्योंकि सोनाक्षी भी थीं उस मूवी में।'
रजत शर्मा ने आगे कहा, 'सलमान खान आए तो मैंने उनसे बोला कि बैठिए, तो उन्होंने कहा क्यों बैठना है? फिर उन्होंने बोला क्यों पूछना है? ऐसे में बड़ी दुविधा हुई कि इनके साथ 'आप की अदालत' कैसे होगी। तब मेरी पत्नी, जो कि डायरेक्टर भी हैं 'आप की अदालत' की, ने सुझाव दिया कि शत्रुघ्न सिन्हा को जज बनाया जाए, जो कि एक अच्छा आइडिया रहा। फिर मैंने उनसे ब्लैक बक केस और कार एक्सीडेंट से लेकर ऐश्वर्या और कटरीना पर भी सवाल किए। बाद में सलमान से हमारे रिश्ते काफी अच्छे हो गए। उन्होंने कहा कि आज तक इतनी चर्चा तो मेरी मूवीज की भी नहीं हुई, जितनी इस शो पर मेरे आने की हुई है। मैंने सलमान खान से भी सीखा है, जैसे वो अपने माता-पिता की इज्जत करते हैं।'
एक छात्रा ने रजत शर्मा से पूछा कि उन्होंने जर्नलिस्ट बनने का कब सोचा? छात्रा ने साथ ही कहा कि आपकी तरह मैं भी जर्नलिस्ट बनना चाहती हूं, कैसे एक अच्छा जर्नलिस्ट बन सकते हैं? इस पर रजत शर्मा ने जवाब दिया कि मैंने पढ़ाई के बाद एम.कॉम किया और फिर बैंक में नौकरी करने का सोचा था, क्योंकि मुझे अपना परिवार चलाना था, जरूरत थी। उन्होंने कहा, 'तो मैंने एक रिसर्चर के तौर पर एक जर्नलिस्ट को जॉइन किया, जिसके बाद मुझे ये काम अच्छा लगा। अच्छा जर्नलिस्ट बनने के लिए, टीवी पर जो लाइफ दिखाई देती है, वैसी होती नहीं है। बहुत मेहनत, बहुत परिश्रम करना पड़ता है। हर वक्त, हर बार आपको अपना बेस्ट करना होता है। हर बार जब मैं शो करता हूं, तो आज भी ऐसा लगता है कि मैं पहली बार शो कर रहा हूं। मुझे उतनी ही रिसर्च करना पड़ता है। आज भी वैसी ही नर्वसनेस फील होती है।'
छात्रों ने रजत शर्मा से ये भी पूछा कि नेताओं से कैसे डील करते हैं? उन्होंने जवाब दिया, 'पॉलिटिशियन जब आते हैं, मेरी कोशिश ये होती है कि जो सवाल पब्लिक पूछना चाहती है, वो पूछूं। उनसे अकाउंटेबिलिटी ली जाए।' एक और सवाल था कि आपका रोल मॉडल कौन है? इस पर रजत शर्मा ने कहा कि मेरा रोल मॉडल इस देश के यूथ हैं, जो मुझे बहुत कुछ सिखाते हैं। उनसे बातचीत करके मुझे बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
रजत शर्मा ने युवाओं को सुनाई प्रेरक कविता
अपने संबोधन के अंत में रजत शर्मा ने एक प्रेरणादायक कविता भी सुनाई, 'कुछ लोग तुम्हें समझाएंगे, वो तुमको खौफ दिखाएंगे। यहां कुछ भी हो सकता है, जो है वो भी खो सकता है। ये लम्हा तुमसे जिंदा है, ये वक्त नहीं फिर आएगा। जो भी होगा, देखा जाएगा।'