केंद्रीय मंत्री अश्विणी वैष्णव ने एआई मॉडल्स की ट्रेनिंग पर बड़ा सवाल उठाया है। एआई की वजह से होने वाले भविष्य के खतरों और उससे निपटने के लिए सभी को साथ आने की अपील की है।
YouTube, Instagram जैसे प्लेटफॉर्म पर एआई जेनरेटेड कंटेंट को लेकर नए नियम बनाए गए हैं। ये नियम 20 फरवरी से प्रभावी होंगे। सोशल मीडिया पर एआई जेनरेटेड कंटेंट अपलोड करने पर जेल भी हो सकती है।
अगर कोई AI कंटेंट पोस्ट करता है, तो सोशल मीडिया कंपनियों को उस पर साफ-साफ़ लिखना होगा कि ये AI-generated कंटेंट है। जो कंपनियां ऐसा नहीं करेंगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने AI जेनरेटेड कंटेंट, SGI और अफवाहों को लेकर नियमों में संशोधन किया है। नए नियम 20 फरवरी से लागू हो रहे हैं, जिनमें फर्जी एआई जेनरेटेड कंटेंट शेयर करने पर सख्ती की गई है।
ग्रोक एआई में आपत्तिजनक तस्वीरों के यूज पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने जो कार्रवाई की थी, उसका असर दिखाई देने लगा है और एक्स ने आखिरकार हार मान ली है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को मंत्रालय ने एक्सटेंडेड समय देते हुए बुधवार शाम पांच बजे तक एक्शन टेकन रिपोर्ट जमा करने को कहा था और आज एक्स ने इसका जवाब दे दिया है।
जावेद अख्तर ने X (ट्विटर) पर बताया कि वह वायरल वीडियो के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला कर चुके हैं, जिसमें उन्हें टोपी पहने हुए देखा जा रहा है।
Youtube ने एआई से मिसलीडिंग वीडियो बनाने की वजह से भारतीय चैनल को बैन कर दिया है। कंपनी के प्रवक्ता ने डीपफेक पर बड़ा एक्शन लेते हुए इसे कॉन्टेंट पॉलिसी का उल्लंघन बताया है।
पायल गेमिंग की शिकायत के आधार पर महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया और मामला दर्ज किया। महाराष्ट्र साइबर पुलिस की जांच में वीडियो फर्जी पाया गया।
इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने 'The International Adolescent Leadership Summit 2025' में युवाओं को AI, डीपफेक, और मानसिक स्वास्थ्य जैसी आधुनिक चुनौतियों से निपटने की नसीहत दी। उन्होंने सीखने की प्रक्रिया को निरंतर बनाए रखने और तकनीकी खतरों से सतर्क रहने की अपील की।
Payal Gaming Video: यूट्यूबर पायल गेमिंग एक कथित वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही हैं। अपुष्ट क्लिप X पर तेजी से वायरल हो गई, जिसके बाद से ही इनके फैन्स काफी भड़क उठे।
डीपफेक पर लगाम लगाने के लिए लोकसभा में रेगुलेशन बिल पेश किया गया है। इस बिल का मकसद लोगों के चेहरे का इस्तेमाल एआई जेनरेटेड कंटेंट में रोकने के लिए है।
Interesting Facts: सोशल मीडिया पर इन दिनों वायरल हुए कुछ MMS पर बहस चल रही है। सही या गलत की इस बहस के बीच ये जानना बहुत अहम है कि, MMS वायरल करने पर कितनी सजा मिलती है ? आइए जानते हैं:
दिल्ली के स्प्रिंगडेल्स स्कूल के वार्षिक समारोह में शिरकत करते हुए इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ रजत शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में डीपफेक को लेकर चैलेंज बढ़ा है।
रजत शर्मा ने क्रिएटिव इकॉनमी फोरम में बताया कि ‘आप की अदालत’ कैसे बना और साथ ही उन्होंने मीडिया पर टेक्नोलॉजी के असर पर अपने विचार रखे। उन्होंने फेक न्यूज और डीप फेक के खतरे पर चेताया, युवाओं को जागरूक रहने की सलाह दी और मीडिया ट्रेनिंग के लिए मुफ्त संस्थान खोलने की इच्छा जताई।
दिल्ली हाईकोर्ट ने गूगल को कहा कि 36 घंटे के अंदर फेक वीडियो शेयर करने वाले चैनल हटाए जाएं और भविष्य में ऐसी कोई भी शिकायत होने पर 48 घंटे के अंदर कार्रवाई की जाए।
एआई कंटेंट पर लगाम लगाने के लिए दुनियाभर में मांग उठ रही है। भारत में पिछले दिनों एआई के जरिए डीपफेक को रोकने के लिए कानून लाने की बात कही गई है। वहीं, पड़ोसी देश में सोशल मीडिया इंफ्लुएंशर्स पर एआई कंटेंट पर लेबल लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
सरकार ने एआई जेनरेटेड कॉन्टेंट और डीपफेक पर पूरी तरह से लगाम लगाने की तैयारी कर ली है। केंद्रीय आईटी और रेलवे मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने नए नियमों वाला ड्राफ्ट तैयार कर लिया है, जिसे आने वाले कुछ सप्ताह में लागू किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां का एआई वीडियो बनाकर शेयर करने के मामले में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दिल्ली में बीजेपी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है।
सपा सांसद इकरा हसन के नाम पर फर्जी वीडियो बनाने वाले दो नाबालिग लड़कों ने एक पंचायत के सामने माफी मांगी है।
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