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रजत शर्मा के डीपफेक वीडियो पर दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश, यू-ट्यूब को 36 घंटे में ऐसे सभी वीडियोज हटाने को कहा

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Nov 07, 2025 03:29 pm IST,  Updated : Nov 08, 2025 09:00 pm IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने गूगल को कहा कि 36 घंटे के अंदर फेक वीडियो शेयर करने वाले चैनल हटाए जाएं और भविष्य में ऐसी कोई भी शिकायत होने पर 48 घंटे के अंदर कार्रवाई की जाए।

Rajat Sharma- India TV Hindi
इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ रजत शर्मा Image Source : INDIA TV

दिल्ली हाई कोर्ट ने पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े एक मामले में इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा के हक में फैसला सुनाया। दरअसल कुछ लोग यूट्यूब पर लगातार रजत शर्मा के बारे में फर्जी डीपफेक वीडियो पोस्ट कर रहे थे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के इस्तेमाल से रजत शर्मा के ओरिजनल वीडियो को डॉक्टर्ड कर रहे थे और उनके नाम से दर्शकों को गलत खबरें और सलाह दे रहे थे।

पिछले कई साल से रजत शर्मा के खिलाफ डीपफेक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट हो रहे थे, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को गूगल LLC को डीपफेक वीडियो वाले यूट्यूब चैनल हटाने का आदेश दिया। गूगल ही यूट्यूब प्लेटफॉर्म चलाता है। 

36 घंटे में चैनल हटाए यूट्यूब

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि डीपफेक वीडियो वाले दोनों चैनल 36 घंटे के अंदर हटाए जाएं। इसके साथ ही, कोर्ट ने गूगल से यह भी कहा कि वह इन चैनलों की जानकारी BSI, कॉन्टेक्ट डिटेल्स और मोनेटाइजेशन डेटा भी एक हफ्ते के भीतर रजत शर्मा को मुहैया कराएं। हाईकोर्ट में फाइल की गई अपनी अर्जी में रजत शर्मा ने अपने “पर्सनैलिटी राइट्स” की रक्षा की गुजारिश की थी। अर्जी में रजत शर्मा ने कहा था कि कुछ लोग AI तकनीक का गलत इस्तेमाल कर उनके चेहरे, आवाज और वीडियो क्लिप्स को बदलकर फर्जी वीडियो बना रहे हैं और जनता को गुमराह कर रहे हैं।

चार यूट्यूब चैनल के खिलाफ हुई थी शिकायत

रजत शर्मा ने चार यूट्यूब चैनल्स के खिलाफ शिकायत की थी, जिन्होंने उनके इंडिया टीवी शो के असली फुटेज को चुराकर उसमें फेरबदल किया और ऐसे दिखाया मानो वह खुद उन झूठे बयानों का समर्थन कर रहे हैं। एक चैनल पर तो यहां तक दावा किया कि रजत शर्मा ने सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों पर राय दी और उसी बहाने लोगों को नकली निवेश लिंक पर क्लिक करने के लिए सुझाव दिया। इनमें से दो चैनल्स को तो 30 अक्टूबर को ही ब्लॉक कर दिया गया था, जबकि बाकी दो चैनलों की जांच चल रही थी। अब दिल्ली हाईकोर्ट ने गूगल को आदेश दिया कि बाकी बचे दोनों चैनल भी तुरंत हटाए जाएं। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने गूगल के अधिकारियों को रजत शर्मा से बातचीत करने को भी कहा, ताकि वह उन्हें सीधे बता सकें कि यूट्यूब में उनके और कौन-कौन से डीपफेक वीडियो अभी भी मौजूद हैं।

सीधे गूगल से शिकायत करने की सुविधा 

दिल्ली हाई कोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने कहा कि बार-बार कोर्ट में आने में दिक्कत होती है, इसलिए अगर भविष्य में रजत शर्मा की तरफ से गूगल को डीपफेक और डॉक्टर्ड वीडियोज के बारे में सूचित किया जाता है तो गूगल को ऐसे वीडियो टाने होंगे। यानी हाई कोर्ट ने रजत शर्मा को सीधे गूगल से शिकायत करने की सुविधा दे दी है। हाई कोर्ट ने गूगल से ये भी कहा कि वो खुद भी ऐसी तकनीक खोजे, जो डीपफेक और डॉक्टर्ड वीडियो की खुद पहचान करके उन्हें ब्लॉक कर सके, क्योंकि अगर किसी बड़ी पर्सनैलिटी के नाम से कोई झूठी बातें फैलाई जाती है तो उससे समाज को नुकसान होता है। इस मुकदमे में रजत शर्मा की ओर से एडवोकेट साईकृष्ण राजगोपाल, दिशा शर्मा, दीपिका पोखरिया और मैथिली गिरीश ने पैरवी की।

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