नई दिल्ली: क्रिएटिव इकॉनमी फोरम सीजन-3 में इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने अपनी जिंदगी के कई अनसुने किस्से सुनाए। इस मौके पर उन्होंने बताया कि न्यूज इतिहास का सबसे आइकॉनिक शो 'आप की अदालत' कैसे अस्तित्व में आया। साथ ही उन्होंने मीडिया पर टेक्नोलॉजी के असर पर भी काफी गहराई से चर्चा की। इस मौके पर क्रिएटिव इकॉनमी फोरम की फाउंडर सुप्रिया सूरी ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म इसलिए बनाया गया है ताकि क्रिएटिव फील्ड के लोग भी एंटरप्रेन्योर बन सकें।
'आप की अदालत कोई प्लान्ड शो नहीं था'
रजत शर्मा ने कहा, 'आप की अदालत कोई प्लान्ड शो नहीं था। उस समय Zee TV पर अलग-अलग एंटरटेनमेंट शो आते थे। गुलशन ग्रोवर ने एक फ्लाइट में मुझसे कहा, मेरा इंटरव्यू करवा दो उस चैनल में। फिर मैंने सुभाष जी को बताया, इनका इंटरव्यू कर लो। फिर उन्होंने कहा, आप ही कर लीजिए। मैंने बोला, ऐसे कौन सुनेगा दो लोग बात करेंगे तो। मैंने एक आइडिया दिया कि एक कटघरा बना देते हैं, उसमें नेताओं को बुलाओ, उनसे सवाल पूछो। फिर उन्हें आइडिया पसंद आया और कुछ समय बाद उनकी क्रिएटिव टीम से बात हुई और सेट लगा और पहला इंटरव्यू हुआ लालू यादव का।' शो की इतने सालों तक क्रेडिबिलिटी पर रजत शर्मा ने कहा, 'मैं कभी अपना एजेंडा नहीं चलाता। हेडलाइन के लिए सवाल नहीं करता। लोगों से पूछता भी हूं, अगर आप कुछ हटाना चाहते हो तो हम एडिट कर देंगे।'
टेक्नोलॉजी का मीडिया पर क्या असर हुआ है?
टेक्नोलॉजी के मीडिया पर असर पर उन्होंने कहा, 'इसका असर क्रिएटिविटी पर पड़ा है। पहले दिल टूटने पर खत जलाते थे और अब मैसेज डिलीट कर देते हैं। लाइफ का एक्साइटमेंट खत्म हो गया है और उससे क्रिएटिविटी खत्म हो गई है। लोगों के पेट में आग नहीं है, भूख नहीं है। फायदा ये है कि अब हर कोई क्रिएटिव बन गया। घर की महिला, ड्राइवर, बूढ़े, सब रील देख रहे हैं, बना रहे हैं। इस टेक्नोलॉजी ने दुनिया को करीब भी ला दिया है।' फेक न्यूज पर रजत शर्मा ने कहा, 'फेक न्यूज से बात ज्यादा आगे बढ़ गई है। अब डीप फेक चल रहा है और मैं खुद इसका पीड़ित हूं। मेरी खुद की वीडियो बनाई गई है डीप फेक के जरिए। फिर हम कोर्ट गए, 10-12 दिन लगे वीडियो डिलीट करने में, पर तब तक 5 मिलियन लोगों ने वो देख लिया और कई लोगों ने पैसे कमा लिए। ये लोगों को मिसलीड करने के लिए किया जाता है और जो क्विक मनी कमाना चाहते हैं, उनके लिए नुकसान होता है। मैं कोशिश करता हूं इस बारे में अवेयरनेस फैलाने की।'
नई पीढ़ी के मीडिया स्टूडेंट्स को सलाह
मीडिया स्टूडेंट्स को सलाह देते हुए रजत शर्मा ने कहा, 'हमारे यहां मीडिया में ट्रेन करने वाले इंस्टीट्यूट नहीं हैं और जो हैं वे अपनी दुकान चला रहे हैं, ज्यादा पैसे ले रहे हैं। इंडिया टीवी में जो लोग आते हैं, उनका इंटरव्यू लेते हैं तो उन्हें जो पढ़ाया जाता है वह कुछ अलग ही होता है। लेकिन हम ऐसे नए बच्चों को ट्रेन करते हैं। हमारे सीनियर एडिटर यूनिटरी में भी करते हैं, पर ऐसे बच्चे कुछ साल तो काम करते हैं फिर 10000 रुपये के लिए दूसरे चैनल में चले जाते हैं। मैंने सोचा भी कि हम एक ऐसा इंस्टीट्यूट बनाएं जिसमें मैं खुद बच्चों को ट्रेन करूं। हम विदेश भी गए, मगर आखिर में उस चीज की कॉस्ट इतनी ज्यादा हो रही थी तो मैंने सोचा बच्चा इतने पैसे देकर आएगा तो ये सही नहीं है। मगर मेरी इच्छा है कि हम फ्यूचर में बिना शुल्क के बच्चों को ट्रेन कर सकें।'
चीन से भारत की तुलना पर क्या बोले रजत शर्मा
चीन से तुलना पर रजत शर्मा ने कहा, 'हम चीन से खुद को कंपेयर नहीं कर सकते। शी जिनपिंग को चुनाव नहीं लड़ना है, वहां डेमोक्रेसी है नहीं, लेकिन हमारे यहां है और केवल भारत में ही डेमोक्रेसी बची है।' AI पर बोलते हुए उन्होंने कहा, 'AI से आप मूवी बना सकते हैं, वह बहुत अच्छी भी लगती है, मगर AI एंकर मैं सही नहीं समझता। जब अहमदाबाद में प्लेन क्रैश हुआ तो एक व्यक्ति बच गया, ये न्यूज में दिखाया तो लोगों ने यकीन भी किया। इसलिए न्यूज रियल होनी चाहिए। अगर न्यूज चैनल कोई गलत खबर या फेक न्यूज चलाते हैं तो मैं मानता हूं कि उसी तेजी के साथ माफी भी मांगनी चाहिए।'
'मैं यंग लोगों को कहूंगा, आप अवेयर रहें'
अभिनंदन का किस्सा सुनाते हुए रजत शर्मा ने कहा, 'हमारे एयरफोर्स के जवान हैं अभिनंदन, उनकी पिटाई का वीडियो आया तो हमने ये निर्णय लिया कि हम अपने जवान का पाकिस्तानियों से पिटने का वीडियो नहीं दिखाएंगे। हमने तो नहीं दिखाया, मगर वो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोग हमें गालियां दे रहे थे कि आप छुपा रहे हो। ब्रॉडकास्टर जिम्मेदार होते हैं, एडिटर होते हैं जो फैसला लेते हैं कि समाज के लिए क्या सही है, क्या नहीं। मुझे चिंता है, सोशल मीडिया में एक सेक्शन तैयार हुआ है जो हमारे हीरो को डेमोलिश कर रहे हैं, लेकिन अब एक-एक करके हमारे हीरो को डिमोनाइज करेंगे, ये खतरनाक काम है। मैं यंग लोगों को कहूंगा, आप अवेयर रहें।'