कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की कमान संभालने जा रहे कांग्रेस के दिग्गज नेता डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर बेंगलुरु में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बुधवार दोपहर 4:05 बजे लोक भवन में होने वाले इस समारोह के लिए शहर की पुलिस ने शीर्ष राजनीतिक नेताओं, वीआईपी और हजारों समर्थकों की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा का चक्रव्यूह तैयार किया है।
इस शपथ ग्रहण के साथ ही कर्नाटक सरकार के भीतर लंबे समय से प्रतीक्षित नेतृत्व परिवर्तन का दौर पूरा हो जाएगा और शिवकुमार राज्य के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। पहले चरण में उनके साथ करीब 8 से 10 मंत्रियों के भी शपथ लेने की संभावना है, जबकि बाकी कैबिनेट का विस्तार 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के बाद किया जा सकता है।
दो जोन में बंटी सुरक्षा व्यवस्था
- जोन 1: इसमें लोक भवन परिसर शामिल है, जिसे 5 सेक्टरों में विभाजित किया गया है।
- जोन 2: इसके तहत कार्यक्रम स्थल के आस-पास के क्षेत्र और वीआईपी रूट आते हैं, जिन्हें 8 सेक्टरों में बांटा गया है।
लोक भवन के मुख्य प्रवेश द्वार को हाई-सिक्योरिटी पॉइंट बनाया गया है, जहां से केवल वीवीआईपी, वीआईपी और आमंत्रित मेहमानों को ही प्रवेश मिलेगा। मुख्य मंच पर केवल मुख्यमंत्री, नए मंत्रियों, राज्यपाल और चुनिंदा गणमान्य व्यक्तियों की ही मौजूदगी रहेगी। इसके अलावा, आम जनता के लिए 'लॉन-बी' में बैठने की व्यवस्था की गई है, जहां करीब 1,000 लोग बड़ी एलईडी स्क्रीन्स पर सीधा प्रसारण देख सकेंगे।
रोडशो के लिए जीरो ट्रैफिक कॉरिडोर
शपथ ग्रहण के बाद डीके शिवकुमार लोक भवन से विधान सौध तक एक ओपन-जीप में रोडशो निकालेंगे। इस पूरे रास्ते को विशेष सुरक्षा कवच में रखा गया है। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि जुलूस के दौरान इस रूट पर जीरो ट्रैफिक सुनिश्चित किया जाए, ताकि मुख्यमंत्री के काफिले की तरफ कोई भी अनधिकृत व्यक्ति न जा सके। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एंटी-प्रोटेस्ट यूनिट, एंटी-स्टैम्पीड (भगदड़ रोकने वाली) टीमें और रिजर्व फोर्स तैनात की गई हैं।
शपथ ग्रहण को लेकर डीके शिवकुमार का बयान
व्यापक तैयारियों के बावजूद, डीके शिवकुमार ने कहा है कि बेंगलुरु निवासियों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए शपथ ग्रहण समारोह सादा रखा जाएगा।
'सिद्धा' युग का अंत, अब तक क्या-क्या हुआ?
- 28 मई को आलाकमान के साथ हुए समझौते के तहत सिद्दारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
- 30 मई को बेंगलुरु में हुई कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक में सिद्दारमैया ने खुद डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया।
- इसके बाद शिवकुमार ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया।
- फिलहाल, नई कैबिनेट के स्वरूप को लेकर दिल्ली में आलाकमान के साथ मंथन जारी है। माना जा रहा है कि नए मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय, जातीय और गुटीय समीकरणों को साधने के लिए अनुभवी और नए चेहरों का मिश्रण देखने को मिलेगा।
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