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कोलकाता में ममता बनर्जी ने दिया धरना, मंच पर दिखे 41 में से सिर्फ 5 सांसद

 Edited By: Amar Deep @amardeepmau
 Published : Jun 02, 2026 04:02 pm IST,  Updated : Jun 02, 2026 05:39 pm IST

ममता बनर्जी ने कोलकाता में आज धरना दिया। उन्होंने टीएमसी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमलों के विरोध में धरना शुरू किया है।

ममता बनर्जी ने दिया धरना।- India TV Hindi
ममता बनर्जी ने दिया धरना। Image Source : PTI

टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कोलकाता में धरना शुरू कर दिया है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद कथित तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं पर हमलों के विरोध में ये धरना शुरू किया है। कोलकाता पुलिस द्वारा टीएमसी को रानी रश्मोनी रोड पर धरना आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद ममता बनर्जी एस्प्लेनेड के वाई-चैनल स्थित धरना स्थल पर पहुंचीं। इससे पहले ममता ने भारत रत्न डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदर्शन के लिए रवाना होने से पहले बनर्जी को भारत के संविधान की किताब को भी पकड़े हुए भी देखा गया। 

'177 सीटों पर मतगणना में की धांधली'

ममता बनर्जी ने इस दौरान कहा कि भाजपा ने बंगाल विधानसभा चुनाव जीतने के लिए 294 में से 177 सीटों पर मतगणना में धांधली की। पुलिस टीएमसी कार्यकर्ताओं को प्रदर्शनों में भाग न लेने की धमकी दे रही है, लेकिन मैं विरोध प्रदर्शन जारी रखूंगी। पुनर्वास के बिना फेरीवालों को बेदखल करना टीएमसी सरकार की नीति नहीं थी, हमने मानवीय दृष्टिकोण अपनाया। ममता ने कहा कि मैं इस कठिन समय में टीएमसी कार्यकर्ताओं को नहीं छोड़ूंगी। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात का अफसोस है कि जिन लोगों को मैंने जीवन में सहारा दिया, वे अब गद्दार के साथ मिल रहे हैं। ममता ने कहा कि भाजपा विरोधी दल देशव्यापी कार्ययोजना पर निर्णय लेने के लिए दिल्ली में बैठक करेंगे।

'मनमानी करने वाले राजनेताओं के हाथों में बंगाल'

ममता बनर्जी ने कहा, "मोदी जी ने बंगाल को असामाजिक तत्वों और मनमानी करने वाले राजनेताओं के हाथों में छोड़ दिया है, जो राज्य को अंधकार में धकेल रहे हैं।" उन्होंने कहा कि अगर अन्य पार्टियों को उस स्थान पर राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी जाती है, जहां हमें विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई थी, तो टीएमसी अदालत का रुख करेगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को अगर टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता पर संदेह है, तो उनका फॉरेंसिक परीक्षण कराया जाना चाहिए।

ममता के साथ दिखे सिर्फ 5 सांसद

तृणमूल कांग्रेस के पास अभी भी 78 MLA (जिनमें से दो ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को हाल ही में निकाला गया) हैं। लोकसभा और राज्यसभा को मिलाकर TMC के 41 MP हैं। हालांकि, धरने के स्टेज पर ममता के बगल में सिर्फ 5 MP और कुछ MLA ही दिखे। विधायकों में नयना दास बनर्जी, मदन मित्रा, फरहाद हकीम, बिमान बनर्जी, अशोक देव, शोभनदेव चटर्जी ममता के धरना स्टेज पर मौजूद हैं। वहीं सांसदों में डेरेक ओ'ब्रायन, समीरुल इस्लाम, दोला सेन, माला रॉय और कल्याण बनर्जी मौजूद हैं। इसके अलावा हारे हुए उम्मीदवारों में चंद्रिमा भट्टाचार्य, अखिल गिरी, तन्मय घोष ममता के बगल में बैठे दिखे। नगर पालिका के प्रतिनिधियों में वैश्वानर चटर्जी, कृष्ण चक्रवर्ती और स्वपन समद्दार मौजूद थे। 

ममता ने लगाए आरोप

इस दौरान भीड़ को मेगाफोन के माध्यम से संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, ''हमें मंच स्थापित करने और माइक्रोफोन के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी गई।'' वहीं ममता बनर्जी के धरना-प्रदर्शन के दौरान अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। वहीं ममता बनर्जी के भाषण के दौरान तृणमूल कार्यकर्ता नारेबाजी करते नजर आए। ममता बनर्जी ने कहा कि शनिवार को उनके भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले, चुनाव के बाद कथित हिंसा और फेरीवालों को बेदखल करने के विरोध में धरना कार्यक्रम के अनुसार शाम तक जारी रहेगा।

'बेतुका और तानाशाही भरा व्यवहार'

इससे पहले सोमवार को ममता बनर्जी ने इन घटनाओं की कड़ी आलोचना करते हुए इन्हें "बेतुका और तानाशाही भरा व्यवहार" बताया था। उन्होंने कहा था, "दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के सांसद पर जिस तरह से हमला किया गया है, वह चौंकाने वाला है। डॉक्टरों को बुलाया गया, फिर भी अस्पतालों को कथित तौर पर इलाज न करने का निर्देश दिया गया। यह किस तरह का बेतुका और तानाशाही भरा व्यवहार है?"

'12 कार्यकर्ताओं की हत्या'

ममता बनर्जी ने कहा कि विधानसभा चुनावों के बाद से टीएमसी के 12 कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई है और हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने कहा, "लोकतांत्रिक प्रदर्शनों में बाधा डाली जा रही है।" उन्होंने कहा कि पुलिस ने फेरीवालों को हटाने, पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमलों और NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दों के खिलाफ कोलकाता में उनकी पार्टी के धरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि आधिकारिक अनुमति के बावजूद प्रदर्शन जारी रहेगा। बनर्जी ने कहा, "अगर हमें वहां धरना देने की अनुमति नहीं दी जाती है, तो मैं जहां भी रोकी जाऊंगी, वहां बैठ जाऊंगी। मैं गिरफ्तार होने के लिए तैयार हूं।"

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