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एयर इंडिया की बदइंतजामियों पर भड़के शिवराज, टूटी और धंसी हुई सीट मिलने पर जताई नाराजगी

 Reported By: Anurag Amitabh, Edited By: Niraj Kumar
 Published : Feb 22, 2025 11:31 am IST,  Updated : Feb 22, 2025 11:50 am IST

देश की प्रतिष्ठित एयर इंडिया कंपनी की बदइंतजामियों पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर अपनी अपनी पीड़ा को शेयर किया।

शिवराज सिंह चौहान- India TV Hindi
शिवराज सिंह चौहान Image Source : PTI

नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एयर इंडिया की बदइंतजामियों पर नाराजगी जताई है। शिवराज की नाराजगी इतनी बढ़ गई कि उन्होंने अपनी पीड़ा को सोशल मीडिया पर एक्स पर शेयर किया। शिवराज सिंह चौहान भोपाल से दिल्ली एयर इंडिया की फ्लाइट से आ रहे थे। इसी दौरान जो सीट उन्हें आवंटित की गई वह टूटी और धंसी हुई थी। उस पर बैठने में भी उन्हें तकलीफ हो रही थी। उन्होंने एयर इंडिया की इन बदइंतजामियों पर सवाल भी उठाए।

टूटी और धंसी सीट पर बैठकर पूरी की यात्रा

शिवराज सिंह चौहान पूसा किसान मेले का उद्घाटन करने के लिए दिल्ली आ रहे थे। साथ ही कुरुक्षेत्र में एक मीटिंग और चंडीगढ़ में किसान संगठन के प्रतिनिधियों से चर्चा करने का उनका प्लान है। भोपाल से दिल्ली आने के लिए एयर इंडिया की फ्लाइट नंबर AI436 में उन्होंने अपना टिकट करवाया था। लेकिन जब वे अपनी सीट पर बैठे तो वह टूटी हुई और अंदर धंसी हुई थी। उस पर बैठने में उन्हें दिक्कत महसूस हो रही थी। उन्होंने एयर इंडिया की इस बदइंतजामी का जिक्र करते हुए एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया।

बैठना तकलीफदायक था

शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, "आज मुझे भोपाल से दिल्ली आना था, पूसा में किसान मेले का उद्घाटन, कुरुक्षेत्र में प्राकृतिक खेती मिशन की बैठक और चंडीगढ़ में किसान संगठन के माननीय प्रतिनिधियों से चर्चा करनी है। मैंने एयर इंडिया की फ्लाइट क्रमांक AI436 में टिकट करवाया था, मुझे सीट क्रमांक 8C आवंटित हुई। मैं जाकर सीट पर बैठा, सीट टूटी और अंदर धंसी हुई थी। बैठना तकलीफदायक था। जब मैंने विमानकर्मियों से पूछा कि खराब सीट थी तो आवंटित क्यों की? उन्होंने बताया कि प्रबंधन को पहले सूचित कर दिया था कि ये सीट ठीक नहीं है, इसका टिकट नहीं बेचना चाहिए। ऐसी एक नहीं और भी सीटें हैं। सहयात्रियों ने मुझे बहुत आग्रह किया कि मैं उनसे सीट बदल कर अच्छी सीट पर बैठ जाऊं लेकिन मैं अपने लिए किसी और मित्र को तकलीफ क्यों दूं, मैंने फैसला किया कि मैं इसी सीट पर बैठकर अपनी यात्रा पूरी करूंगा।"

क्या ये यात्रियों के साथ धोखा नहीं 

शिवराज सिंह इतने पर ही नही रुके। उन्होंने आगे लिखा, "मेरी धारणा थी कि टाटा प्रबंधन के हाथ में लेने के बाद एयर इंडिया की सेवा बेहतर हुई होगी, लेकिन ये मेरा भ्रम निकला। मुझे बैठने में कष्ट की चिंता नहीं है लेकिन यात्रियों से पूरा पैसा वसूलने के बाद उन्हें खराब और कष्टदायक सीट पर बैठाना अनैतिक है। क्या ये यात्रियों के साथ धोखा नहीं है? क्या आगे किसी यात्री को ऐसा कष्ट न हो, इसके लिए एयर इंडिया प्रबंधन कदम उठाएगा या यात्रियों की जल्दी पहुंचने की मजबूरी का फायदा उठाता रहेगा।

 

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