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आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली अंतरिम जमानत, कहा- 'हालत खराब होने पर दोबारा कर सकते है मांग'

 Reported By: Atul Bhatia Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Aug 06, 2026 12:57 pm IST,  Updated : Aug 06, 2026 01:08 pm IST

पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आसाराम बापू की जमानत याचिका पर फैसला करने के लिए AIIMS से विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट मांगी थी।

आसाराम बापू और सुप्रीम कोर्ट- India TV Hindi
आसाराम बापू और सुप्रीम कोर्ट Image Source : PTI

जोधपुर में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोप में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम बापू की खराब सेहत के आधार पर अंतरिम जमानत पर कोई आदेश देने से सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इनकार किया है। सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम कि याचिका को पेंडिंग रखते हुए कहा कि हालत खराब होने पर दोबारा अंतरिम जमानत की मांग कर सकते हैं।

हाई कोर्ट से आसाराम को मिली है 20 दिन की परोल

राजस्थान सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आरोप लगाया कि आसाराम ने हाईकोर्ट से 20 दिनों की परोल की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम जमानत की बात छुपाई। फिलहाल हाई कोर्ट से आसाराम को 20 दिनों की परोल मिली हुई है।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने AIIMS से मांगी थी मेडिकल रिपोर्ट 

अंतरिम जमानत की मांग पर पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम बापू की जमानत याचिका पर फैसला करने के लिए AIIMS से विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट मांगी थी। एम्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आसाराम को हॉस्पिटल मे एडमिट करने की जरूरत नहीं है लेकिन उनके स्वास्थ्य की 24 घंटे निगरानी रखी जानी चाहिए।

मंगलवार को भी हुई थी इस मामले की सुनवाई

वहीं, मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया गया कि एम्स की एक मेडिकल टीम ने राय दी है कि आसाराम को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन उन्हें चौबीसों घंटे चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता है। यह दलील आसाराम की चिकित्सा आधार पर अंतरिम जमानत की मांग वाली याचिका की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और पीबी वराले की पीठ के समक्ष दी गई थी।

राजस्थान सरकार की ओर से पेश हुए वकीलों में से एक ने कहा, 'एम्स की रिपोर्ट कहती है कि अस्पताल में भर्ती होने की कोई आवश्यकता नहीं है। आगे कहा, 'आसाराम को सभी चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं।'

मेडिकल बोर्ड गठित करने का दिया गया था निर्देश

आसाराम का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने कहा कि रिपोर्ट को समग्र रूप से पढ़ा जाना चाहिए। 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने एम्स को आसाराम की स्थिति का आकलन करने के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया था।

राजस्थान हाई कोर्ट ने 27 मई को 2013 में एक नाबालिग के साथ बलात्कार के मामले में आसाराम को दी गई सजा और आजीवन कारावास को बरकरार रखा था। 30 जून को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली आसाराम की याचिका पर राजस्थान सरकार से जवाब मांगा।

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