1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. 'पति को घर के कामकाज में समान रूप से बंटाना होगा हाथ', सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, जानिए पूरा मामला

'पति को घर के कामकाज में समान रूप से बंटाना होगा हाथ', सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, जानिए पूरा मामला

 Published : Mar 20, 2026 10:52 pm IST,  Updated : Mar 20, 2026 10:54 pm IST

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पति को अपनी पत्नी के साथ खाना पकाना, घर की साफ-सफाई करना, कपड़े धोना, हर चीज में हाथ बंटाना होगा। साथ ही कोर्ट ने कहा कि अब समय बदल चुका है।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : PTI

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि पति को खाना पकाने, घर की साफ-सफाई करने और कपड़े धोने जैसे घरेलू कामकाज में समान रूप से हाथ बंटाना होगा क्योंकि उसने किसी घरेलू सहायिका से नहीं, बल्कि जीवन संगिनी से शादी की है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने यह टिप्पणी की, जो कर्नाटक हाई कोर्ट के एक आदेश को चुनौती देने संबंधी एक याचिका पर सुनवाई कर रही है। 

विफल रही मध्यस्थता

हाई कोर्ट ने क्रूरता के आधार पर तलाक को मंजूरी देने संबंधी अधीनस्थ अदालत के आदेश को रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता व्यक्ति के वकील ने दलील दी कि दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता विफल रही। 

2019 से रह रहे दोनों अलग

वकील ने कहा कि उन दोनों का विवाह मई 2017 में हुआ था और 2019 से वे अलग रह रहे हैं। वकील ने कहा, 'मैं (व्यक्ति) तलाक चाहता हूं। अधीनस्थ अदालत ने क्रूरता के आधार पर तलाक को मंजूरी दे दी।' 

बदल चुका है समय

पीठ ने सवाल किया कि इस मामले में कथित क्रूरता क्या थी? व्यक्ति (पति) की ओर से पेश वकील ने कहा कि महिला अनुचित व्यवहार कर रही थी और खाना नहीं पका रही थी। न्यायमूर्ति नाथ ने कहा, 'आपको इन सब चीजों में समान रूप से हाथ बंटाना होगा। खाना पकाना, घर की साफ-सफाई करना, कपड़े धोना, हर चीज। समय बदल चुका है।' 

एक ही सरकारी स्कूल में दोनों करते हैं काम

न्यायमूर्ति मेहता ने कहा, 'आपने किसी घरेलू सहायिका से शादी नहीं की है। आपने जीवन संगिनी से शादी की है।' पीठ को बताया गया कि वे दोनों (दंपति) एक सरकारी स्कूल में सेवारत हैं। पीठ ने कहा, 'दोनों पक्षों को अदालत में बुलाया जाए। हम उनसे बात करना चाहते हैं।'शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई 27 अप्रैल के लिए निर्धारित कर दी और दोनों पक्षों को उस दिन न्यायालय में उपस्थित रहने को कहा। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत