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कब से बढ़ना शुरू हुआ लॉरेंस बिश्नोई का गैंग, इसके पास कितने सदस्य हैं और कैसे काम करते हैं? पूर्व IPS ने दी पूरी जानकारी

 Reported By: Sachin Chaudhary,  Written By: Subhash Kumar
 Published : Oct 21, 2026 09:18 pm IST,  Updated : Oct 21, 2026 09:23 pm IST

टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी की घटना के बाद से लॉरेंस बिश्नोई का गैंग की लगातार चर्चा हो रही है। अब पूर्व IPS पीके जैन ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग, इसके सदस्यों और इनके काम करने के तरीके के बारे में विस्तार से जानकारी दी है।

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लॉरेंस बिश्नोई गैंग फिर से चर्चा में। Image Source : ANI

अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए जानलेवा हमले के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। टाइगर पर हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एसोसिएट अनिल पंडित ने ली है। अब इस गैंग के सदस्यों, उनके काम करने के तरीके और कमाई के साधन आदि पर चर्चा हो रही है। आपको बता दें कि लॉरेंस बिश्नोई इस वक्त गुजरात के साबरमती जेल में बंद है। हालांकि, अपराध की कई वारदातों में बार-बार उसका नाम सामने आ रहा है। अब पूर्व IPS ऑफिसर पीके जैन ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बारे में बड़ी जानकारी साझा की है।

2010 के बाद बढ़ना शुरू हुआ गैंग

पूर्व IPS पीके जैन ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नेटवर्क 2010 के बाद बढ़ना शुरू हुआ। लॉरेंस बिश्नोई का जन्म 1993 में हुआ था। वह स्कूल और कॉलेज के समय से ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने लगा था। स्टूडेंट पॉलिटिक्स के दौरान भी उस पर हत्या, मारपीट और एक्सटॉर्शन जैसे सात मामले दर्ज हुए। बाद में गोल्डी बराड़ के साथ मिलकर उसने अपना गैंग बढ़ाया। जानकारी के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे महाराष्ट्र की 50 जेलों में बंद हैं।

गैंग में कितने सदस्य, कैसे होती है कमाई? 

पूर्व IPS पीके जैन के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने कनाडा और यूएई जैसे देशों में अमीर लोगों से एक्सटॉर्शन करके पैसे कमाने शुरू किए। बाद में ये लोग ड्रग्स के कारोबार में भी शामिल हुए। गैंग के 70 हजार सदस्य होने का दावा सही नहीं लगता, क्योंकि इतनी बड़ी संख्या को ऑपरेट करना आसान नहीं है। उनके अनुमान के मुताबिक, गैंग में करीब 600 से 800 सदस्य हो सकते हैं। पीके जैन ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई के जेल में होने के बावजूद गैंग का नेटवर्क कैसे चल रहा है, इसकी जांच जरूरी है। आशंका है कि फोन या जेल में मिलने आने वाले लोगों के जरिए टारगेट की जानकारी और योजनाएं साझा की जाती होंगी।

सदस्यों को कैसे जोड़ा जाता है?

पूर्व IPS पीके जैन ने कहा कि गैंग जेल के अंदर और उत्तर भारत के राज्यों में रहने वाले युवाओं को पैसे, नाम और शोहरत का लालच देकर अपने साथ जोड़ता है। इन युवाओं को टारगेट देकर धमकाने और हमले करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उत्तर भारत में देशी कट्टों की उपलब्धता और पाकिस्तान से हथियार आने की आशंका भी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि गैंग की मोडस ऑपरेंडी धमकी देना, हमला करवाना, एक्सटॉर्शन करना और इसके जरिए नाम और पैसा कमाना है। साल 2012 में सलमान खान को धमकी देने के बाद से यह सिलसिला बढ़ा। सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग, कपिल शर्मा के कैफे पर हमला, रोहित शेट्टी को धमकी, टाइगर श्रॉफ पर हमले और बाबा सिद्दीकी की हत्या जैसे मामलों में गैंग का नाम सामने आया है।

कैसे काबू में आएगा लॉरेंस बिश्नोई गैंग?

पीके जैन के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार चाहे तो साबरमती जेल जाकर लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ कर सकती है। बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने उसकी कस्टडी लेने की कोशिश की थी, लेकिन केंद्र के कुछ नियमों के कारण यह संभव नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि गैंग पर काबू पाने के लिए उसके संचार नेटवर्क को तोड़ना जरूरी है। महाराष्ट्र में अंडरवर्ल्ड पर लगाम लगाने के लिए मकोका जैसा सख्त कानून लाया गया था। ऐसे कानूनों के डर से युवाओं का गैंग में शामिल होना कम हुआ, क्योंकि उन्हें लंबे समय तक जेल में रहने का डर था। इसी तरह के सख्त कदम उठाने और सभी राज्यों की पुलिस तथा केंद्रीय एजेंसियों को मिलकर कार्रवाई करने की जरूरत है।

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