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प्रह्लाद जोशी की जगह जितेंद्र सिंह ने क्यों पेश किया एंटी-पेपर लीक बिल, क्या है असली वजह?

 Written By: Khushbu Rawal @khushburawal2
 Published : Jul 27, 2026 04:43 pm IST,  Updated : Jul 27, 2026 04:45 pm IST

जितेंद्र सिंह को सरकार ने यह अहम विधेयक संसद में पेश करने की जिम्मेदारी दी थी। पेशे से डॉक्टर रहे जितेंद्र सिंह लंबे समय से प्रधानमंत्री कार्यालय और कार्मिक विभाग जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। 2024 का मूल एंटी-पेपर लीक कानून भी उन्होंने ही संसद में पेश किया था।

Pralhad Joshi jitendra singh- India TV Hindi
प्रह्लाद जोशी और जितेंद्र सिंह। Image Source : PTI

सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए आज लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 (एंटी-पेपर लीक बिल) पेश किया। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस बिल को पेश किया गया। सोशल मीडिया पर नैरेटिव चलाया जा रहा है कि बिल को शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की जगह जितेंद्र सिंह ने क्यों पेश किया।

जितेंद्र सिंह के बिल पेश करने की 2 मुख्य वजह-

  1. बता दें कि ये कानून सिर्फ NTA यानि NEET, JEE या CUET के लिए नहीं है बल्कि UPSC, SSC, रेलवे, बैंकिंग और दूसरी केंद्रीय भर्ती परीक्षाएं के लिए भी है। इन परीक्षाओं की जिम्मेदारी DoPT यानि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के पास है, जिसके मंत्री जितेंद्र सिंह हैं। उन्होंने 2024 में भी बिल पेश किया था और अब इसलिए वो संशोधन बिल भी लेकर आए हैं। इससे पहले भी 2024 का मूल एंटी-पेपर लीक कानून उन्होंने ही संसद में पेश किया था।
  2. वहीं, प्रह्लाद जोशी को हाल ही में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। बिल पेश किए जाने वाले दिन लोकसभा में शिक्षा मंत्रालय से जुड़े प्रश्नकाल (Question Hour) और अन्य प्रशासनिक तैयारियों की जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी के पास थी, इस वजह से इस बिल को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी डॉ. जितेंद्र सिंह को दी गई थी।

प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की कमान

जंतर मंतर पर प्रदर्शन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद पीएम मोदी ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को दे दी है। नेतृत्व में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब भारत की शिक्षा व्यवस्था बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है। सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने और स्कूलों के लिए नया पाठ्यक्रम लाने में जुटी है। सरकार को उम्मीद है कि प्रह्लाद जोशी के अनुभव से शिक्षा क्षेत्र में चल रहे सुधारों को गति मिलेगी। शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वो पीएम मोदी की उम्मीदों को पूरा करने की पूरी कोशिश करेंगे।

हाई पावर टास्क फोर्स का गठन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को GenZ से जो वादा किया था उस वादे के मुताबिक, पीएम के आदेश पर फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन भी हो गया। प्रधानमंत्री ने नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में हाई पावर टास्क फोर्स का गठन भी कर दिया और सरकार ने लोकसभा में पेपर लीक रोकने वाला नया बिल पेश कर दिया लेकिन विपक्ष के हंगामे की वजह से एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा नहीं हो पा रही है।

स्पीकर ने सहमति बनाने के लिए दिया 3 घंटे का टाइम

जितेंद्र सिंह ने आज दोपहर 12 बजे सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 पेश किया लेकिन हंगामे की वजह से बिल पर चर्चा नहीं हो पा रही है। विपक्ष बिल से पहले छात्रों से मारपीट के मसले पर चर्चा चाहता है। सरकार कह रही है कि नए बिल पर चर्चा हो, इस से आज लोकसभा की कार्यवाही पहले 12 बजे तक, फिर दो बजे तक और अब शाम 5 बजे तक स्थगित कर दी गई है। स्पीकर ने शाम 5 बजे तक का वक्त दिया है। स्पीकर ओम बिरला ने सभी पक्षों को सहमति बनाने के लिए 3 घंटे का वक्त दिया था यानि अब सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सहमति बनाने के लिए 2 घंटे का वक्त बचा है।

वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद आज धर्मेंद्र प्रधान की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश को रिप्लाई करते हुए प्रधान ने कहा, आई एम ए स्ट्रीट फाइटर, नोट ए एसी रूम एक्टिविस्ट। 

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