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औवैसी के गढ़ में अमित शाह का शंखनाद, भाग्यलक्ष्मी मंदिर में की पूजा, किया रोड शो

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Nov 29, 2020 12:26 pm IST,  Updated : Dec 01, 2020 05:10 pm IST

रविवार को भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष औऱ देश के गृह मंत्री अमित शाह ने ओवैसी के गढ़ में पहुंचे। अमित शाह ने सबसे पहले हैदराबाद पहुंचने के बाद भाग्यलक्ष्मी मंदिर में पूजा अर्चना भी की।

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औवैसी के गढ़ में अमित शाह का शंखनाद, निकाला रोड शो, भाग्यलक्ष्मी मंदिर में क Image Source : PTI

हैदराबाद. हैदराबाद में होने वाले GHMC चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मिया लगातार तेज होती जा रही है। रविवार को भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष औऱ देश के गृह मंत्री अमित शाह ने ओवैसी के गढ़ में पहुंचे। अमित शाह ने सबसे पहले हैदराबाद पहुंचने के बाद भाग्यलक्ष्मी मंदिर में पूजा अर्चना भी की। इस दौरान हजारों की संख्या में भाजपा समर्थक जुटे रहे। अमित शाह सिकंदराबाद में भाजपा के पक्ष में रोड शो भी किया।

योगी भी कर चुके हैं प्रचार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां शनिवार को कहा कि कुछ लोग उनसे कह रहे हैं कि हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्यनगर रखा जाना चाहिए। योगी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए यहां भाजपा की ओर से प्रचार करने आए हैं। आदित्यनाथ ने लाल दरवाजा में एक चुनावी सभा में कहा, "कुछ लोगों ने मुझसे पूछा कि क्या हम हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्यनगर कर सकते हैं? मैंने कहा, क्यों नहीं।"

यूपी के मुख्यमंत्री ने संभावना व्यक्त करते हुए इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किए जाने का उदाहरण दिया।

उन्होंने तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के बीच संबंधों को भी खतरे में डाल दिया। आदित्यनाथ ने दावा किया कि बिहार में नवनिर्वाचित एआईएमआईएम विधायक ने शपथ ग्रहण समारोह के दौरान 'हिंदुस्तान' शब्द नहीं कहा, जो पार्टी के असली चेहरे को प्रदर्शित करता है। भगवा बलवान ने दावा किया कि टीआरएस और एआईएमआईएम का गठबंधन हैदराबाद की प्रगति में बाधक है।

कोरोना को देखते हुए और सभी राजनीतिक दलों से बात करने के बाद ही यह तय हुआ है कि चुनाव Ballot Paper से करवाए जाएं। राज्य चुनाव आयोग ने बताया कि वोटिंग मशीन पर मतदाता कुछ बटनों को बार बार दबाएंगे जिससे कोरोना के फैलने का खतरा ज्यादा है। लेकिन अगर मतदान Ballot Paper से होते हैं तो उससे कोरोना के फैलने का खतरा कम है। चुनाव आयोग के अधिकारी ने बताया कि सभी राजनीतिक दलों से बातचीत के बाद ही Ballot Paper से चुनाव कराए जाने का फैसला हुआ है। पिछली बार 2002 में हुए चुनाव के दौरान Ballot Paper का इस्तेमाल हुआ था, उस समय हैदराबाद नगर निगम में 100 वार्ड हुआ करते थे लेकिन बाद में जब ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम का गठन हुआ और 150 वार्ड बन गए तो इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन से मतदान शुरु हुआ। हालांकि लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनावों के दौरान EVM का इस्तेमाल हुआ था।

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