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भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक गोवा पहुंचे, राजनीतिक सरगर्मी तेज, हालात पर कांग्रेस की नजर

 Reported By: Bhasha
 Published : Sep 16, 2018 08:16 pm IST,  Updated : Sep 16, 2018 08:16 pm IST

कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि भाजपा पर्रिकर के स्वस्थ होने तक गोवा में मुख्यमंत्री पद के लिए विकल्प तलाश रही है।

BJP central leaders to take stock of situation in Goa, Congress keeps watch | PTI- India TV Hindi
BJP central leaders to take stock of situation in Goa, Congress keeps watch | PTI

पणजी: गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की अस्वस्थता के मद्देनजर राज्य की राजनीतिक स्थिति का जायजा लेने के लिए सत्तारूढ़ भाजपा के तीन केंद्रीय पर्यवेक्षकों की एक टीम रविवार को गोवा पहुंची। दूसरी ओर विपक्षी कांग्रेस ने कहा है कि वह घटनाक्रम पर नजर रख रही है। पर्रिकर (62) को इलाज के लिए नई दिल्ली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि भाजपा पर्रिकर के स्वस्थ होने तक गोवा में मुख्यमंत्री पद के लिए विकल्प तलाश रही है।

गठबंधन सहयोगियों के साथ बैठक करेंगे पर्यवेक्षक

भाजपा ने अपने राष्ट्रीय महासचिवों बीएल संतोष और राम लाल और गोवा के प्रभारी विजय पुराणिक को राजनीतिक स्थिति का जायजा लेने के लिए भेजा है। पार्टी यहां क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सत्ता में आयी है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विनय तेंदुलकर ने कहा कि ‘वे रविवार और सोमवार को भाजपा नेताओं और गठबंधन सहयोगियों- गोवा फॉरवर्ड पार्टी, महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी और निर्दलीय विधायकों के साथ बैठकें करेंगे।’

‘GFP और MGP को भाजपा में विलय का प्रस्ताव दिया जाएगा’
भाजपा नेता माइकल लोबो ने शनिवार को पीटीआई-भाषा से कहा था कि पार्टी के दूत सहयोगियों को सुझाव देंगे कि उन्हें भगवा पार्टी का हिस्सा बनना चाहिए। लोबो गोवा विधानसभा के उपाध्यक्ष हैं। लोबो ने कहा, ‘GFP और MGP को भाजपा में विलय का प्रस्ताव दिया जाएगा। इसके बाद ही हम दूसरे मुद्दों पर बात करेंगे जैसे कि कौन अगला मुख्यमंत्री होगा या कौन प्रभार संभालेगा या इससे संबंधित कुछ और।’

विधानसभा में यह है सीटों की स्थिति
भाजपा के पास 40 सदस्यीय विधानसभा में अभी 14 विधायक हैं जबकि GFP और MGP के 3-3 विधायक हैं। उसे 3 निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है। कांग्रेस के पास 16 विधायक हैं जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के पास एक विधायक है। इस बीच, कांग्रेस ने रविवार को कहा कि वह घटनाक्रम पर नजर रख रही है और गोवा में सरकार बनाने की संभावनाएं तलाश सकती है लेकिन उसने कहा कि वह ‘राज्य के हितों के साथ समझौता नहीं करेगी।’

‘गोवा के लोगों के हितों के साथ समझौता नहीं करेगी कांग्रेस’
अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सचिव एवं गोवा में पार्टी के प्रभारी ए. चेल्लाकुमार ने कहा, ‘हमारा रुख बहुत स्पष्ट है। निश्चित तौर पर हम सभी संभावनाओं को टटोलेंगे लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हम गोवावासियों की विचारधारा या हितों से समझौता करके ऐसा करेंगे। हमें गोवा के लोगों के हितों से समझौता करके सत्ता पाने की जल्दबाजी नहीं है। कांग्रेस लोगों के प्रति जवाबदेह है।’ कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य के घटनाक्रम पर नजर रख रही है।

कांग्रेस ने कहा, हमारे सभी विधायक एकजुट
उन्होंने कहा, ‘हमारे सभी विधायक एकजुट हैं। हम अभी देख रहे हैं कि सत्तारूढ़ खेमे में क्या चल रहा है। अंदरुनी कलह शुरू हो गई है। कैबिनेट मंत्रियों ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने शुरू कर दिए हैं।’ पर्रिकर को शनिवार की सुबह एम्स में भर्ती कराया गया। उनका इस साल की शुरुआत में अग्नाशय संबंधी बीमारी के लिए अमेरिका में 3 महीने लंबा इलाज चला था।

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