1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. कश्मीर: एकतरफा सीजफायर का नहीं मिला था कोई फायदा, रमजान के दौरान आतंकी घटनाओं में हुई थी वृद्धि

कश्मीर: एकतरफा सीजफायर का नहीं मिला था कोई फायदा, रमजान के दौरान आतंकी घटनाओं में हुई थी वृद्धि

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 07, 2018 06:17 pm IST,  Updated : Aug 07, 2018 06:17 pm IST

राज्य सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 300 आतंकवादी कश्मीर में सक्रिय हैं।

भारतीय सेना के जवान।- India TV Hindi
भारतीय सेना के जवान। Image Source : FILE

नई दिल्ली: सरकार ने मंगलवार को कहा कि जम्मू कश्मीर में इस साल रमजान के महीने में आतंकवादी हिंसा की 73 घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि इसके ठीक पहले के एक महीने की अवधि में इस तरह की 34 घटनाएं दर्ज की गई थीं। गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि इस साल रमजान के महीने (17 मई से 16 जून) के दौरान आतंकवादी हिंसा की 73 घटनाएं हुईं, जबकि 23 आतंकी निष्क्रिय किए गए। वहीं, रमजान पूर्व अवधि (16 अप्रैल से लेकर 16 मई) में आतंकवादी हिंसा की 34 घटनाएं दर्ज की गई जबकि 14 आतंकवादी निष्क्रिय किए गए। उन्होंने बताया कि रमजान की अवधि के दौरान आतंकी हिंसा की घटनाओं में तीन नागरिक मारे गए और आठ सुरक्षाकर्मी शहीद हुए, जबकि रमजान पूर्व एक महीने की अवधि में आठ नागरिक मारे गए थे और पांच सुरक्षाकर्मी शहीद हुए। 

इसके अलावा, राज्य सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 300 आतंकवादी कश्मीर में सक्रिय हैं। मंत्री ने बताया कि सरकार ने इस साल 16 मई को सुरक्षा बलों और सेना को जम्मू कश्मीर में रमजान की अवधि के दौरान आक्रामक अभियान (आतंकवादियों के खिलाफ) नहीं चलाने का निर्देश जारी किया था। लेकिन यह भी कहा था कि आम लोगों के जीवन की सुरक्षा के लिए आवश्यक होने पर सुरक्षा बल उचित कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे। मंत्री ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में 2014 से लेकर जून 2018 तक जम्मू कश्मीर में घुसपैठ की कोशिशों, आतंकवादियों के मारे जाने, आतंकवादियों की गिरफ्तारी और वापसी का ब्योरा भी दिया। उन्होंने बताया कि सीमा पार से घुसपैठ की वर्ष 2014 में 222, साल 2015 में 121, साल 2016 में 371, साल 2017 में 406 और इस साल जून तक 133 कोशिशें की गई। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत