नयी दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की मुसीबतें हैं कि थमने का नाम ही नहीं ले रही। ताज़ा मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बीकानेर में जमीन सौदे के मामले में उनकी नई फर्म स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी एलएलपी को एक ताज़ा नोटिस जारी किया है। ईडी ने इसके पहले पिछले महीने इस मामले में वाड्रा की कंपनी को नोटिस भेजा था और जब कंपनी का वकील पेश हुआ तो उसे अनाधिकृत कहकर खारिज कर दिया था क्योंकि उनके पास न तो संबंधित दस्तावेज़ थे और न ही कंपनी की तरफ पेरवी करने का पत्र।
प्रवर्तन निदेशालय ने बीकानेर ज़िले और अन्य जगहों में गहन छानबीन के बाद नोटिस भेजा है। ईडी ने महत्वपूर्म दस्तावेजों के हाथ लगने का दावा किया था। सूत्रों के अनुसार एजेंसी निकट भविष्य में इस मामले में और लोगों को भी नोटिस भेजेगी।
ताज़ा नोटिस में ईडी ने स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी से वित्तीय लेन-देन की जानकारी मांगी है। जमीन सौदे में कथित ‘मनी लॉन्ड्रिंग' की जांच के संबंध में ईडी ने यह कार्रवाई की है। कंपनी से मामले के जांच अधिकारी (आईओ) को कुछ निश्चित वित्तीय विवरण और अन्य दस्तावेज देने को कहा गया है।
यह जांच बीकानेर के कोलायत इलाके में कथित रूप से कंपनी द्वारा 275 बीघा भूमि खरीदे जाने के संबंध में है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में पिछले साल मनी लॉन्ड्रिंग का एक मामला दर्ज किया था. एक स्थानीय तहसीलदार के शिकायत करने के बाद राज्य पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी को इसका आधार बनाया गया था।
ईडी ने FIR में वाड्रा या उनसे जुड़ी किसी कंपनी का नाम का ज़िक्र नहीं किया है लेकिन राज्य के कुछ सरकारी अधिकारियों और कुछ "लैंड माफियों" का नाम है।
वही वाड्रा ने जहां तमाम आरोपों को खारिज किया है वहीं कांग्रेस ने इस कार्रवाई को "महज़ राजनीति से प्रेरित" बताया है।