नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव से पहले बजट को रोके जाने की विपक्ष की मांग को सरकार से उसका जवाब मांगा है। कैबिनेट सेक्रेटरी प्रदीप कुमार सिन्हा को पत्र लिखकर विपक्ष की मांग पर सरकार की प्रतिक्रिया मांगी है। विपक्षी दल सरकार से 8 मार्च के बाद बजट पेश किए जाने की मांग कर रहे हैं।
गौरतलब है कि भारत के पांच राज्यों में होने वाले चुनावों की तारीखों की घोषणा के ठीक एक दिन बाद विपक्षी पार्टियां ने एकजुट होकर चुनाव आयोग का दरवाज़ा खटखटाया था। इसकी वजह रही बजट पेश करने की तारीख यानि 1 फरवरी जो कि चुनाव से ठीक पहले की है। विपक्षी पार्टियों का कहना है कि यह तारीख आगे बढ़ा दी जाए।
कहा जा रहा है कि कैबिनेट सचिव की राय के बाद चुनाव आयोग इस मुद्दे पर कोई निर्णय लेगा। जानकारी के लिए बता दें कि चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग सरकार के वैधानिक काम में दखल नहीं दे सकता है, वह केवल सरकार से अपनी बात के लिए राजी कर सकता है।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में भी बजट को रोके जाने की मांग को लेकर याचिका दी गई थी लेकिन चीफ जस्टिस जे एस खेहर की पीठ ने इस मामले की तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा, 'हम इस मामले की तत्काल सुनवाई नहीं करने जा रहे हैं। मामले की सुनवाई की जाएगी लेकिन समय आने पर।'
सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट सेक्रेटरी को आयोग ने 10 जनवरी तक जवाब देने को कहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि बजट में सरकार लोकलुभावन घोषणाएं कर विधानसभा चुनाव के पहले मतदाताओं को प्रभावित कर सकती है।