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LAC पर China के साथ जारी विवाद के बीच राहुल गांधी का मोदी सरकार पर बड़ा हमला

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Sep 11, 2020 05:43 pm IST,  Updated : Sep 11, 2020 05:43 pm IST

कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर एकबार फिर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने भारत और चीन के बीच चल रही बातचीत पर सवाल उठाया है।

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LAC पर China के साथ जारी विवाद के बीच राहुल गांधी का मोदी सरकार पर बड़ा हमला Image Source : FILE

नई दिल्ली. लद्दाख में LAC पर भारत और चीन के बीच जारी तनाव के बीच कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर एकबार फिर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने भारत और चीन के बीच चल रही बातचीत पर सवाल उठाया है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, "चीन के साथ चल रही 'बातचीत' मार्च 2020 वाली यथास्थिति की बहाली को लेकर है। पीएम और भारत सरकार ने चीन को हमारी जमीन से बाहर निकालने की जिम्मेदारी लेने से इंकार कर दिया है। अन्य सभी "बात" बेकार है।

इससे पहले एक अन्य ट्वीट में राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, "चीनियों ने हमारी जमीन कब्जा ली है। इस जमीन को वापस लेने के लिए भारत सरकार क्या प्लान कर रही है। या फिर इसे भी 'Act of God' के लिए छोड़ा जा रहा है?

गुरुवार को रूस में भारत और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच हुई बातचीत

चीन-भारत के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएससी) पर जारी तनाव को कम करने के लिए मॉस्को में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की मुलाकात के बाद जारी संयुक्त बयान और पांच बिंदुओं पर बनी सहमति ने सीमा की मौजूदा स्थिति को लेकर तनाव कम करने में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में चिन्हित किया, जिसने अधिकांश अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की अपेक्षाओं को बढ़ावा दिया है।

चीन के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में यह कहा। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी विशेषज्ञों ने शुक्रवार को ग्लोबल टाइम्स को बताया कि इस मुलाकात ने दोनों देशों के नेताओं के बीच भविष्य में संभावित बैठक के लिए अनुकूल परिस्थितियों को तैयार किया है।

इसमें कहा गया, "हालांकि, संयुक्त बयान का सफल कार्यान्वयन इस बात पर निर्भर करता है कि क्या भारतीय पक्ष वास्तव में अपनी बात पर कायम रहता है। इसने चेतावनी दी कि देश के इतिहास को देखते हुए, यह संभव है कि संयुक्त बयान केवल कागजों पर ही सिमट कर न रह जाए।"

पांच बिंदुओं वाले आम सहमति में, चीन के विदेश मंत्री वांग और भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने सहमति व्यक्त की है कि चीन और भारत को दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी सहमति से मार्गदर्शन लेना चाहिए, जिसमें मतभेदों का संघर्ष में नहीं बदलने देना शामिल है। सीमा क्षेत्रों में मौजूदा संघर्ष दोनों पक्षों के हित में नहीं है। दोनों देशों के सैनिकों को अपने वर्तमान संवाद को जारी रखना चाहिए, जितनी जल्दी हो सके सेना को पीछे हटना चाहिए, आवश्यक दूरी बनाए रखना चाहिए और मौजूदा तनाव को कम करना चाहिए।

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