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JNU की प्रोफेसर ने JNUTA अध्यक्ष और छात्र संघ सचिव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 01, 2019 08:44 am IST,  Updated : Jan 01, 2019 08:44 am IST

एक बयान में JNU के शिक्षक संघ (JNUTA) ने अमिता के इस कथित बयान के लिए उनकी आलोचना की थी और मामले में औपचारिक जांच की मांग की थी।

JNU professor files police complaint against JNUTA president and JNUSU secretary | PTI File- India TV Hindi
JNU professor files police complaint against JNUTA president and JNUSU secretary | PTI File

नई दिल्ली: जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय की एक प्रोफेसर ने नई दिल्ली में JNUTA अध्यक्ष अतुल सूद और विश्वविद्यालय छात्र संघ के सचिव के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता प्रोफेसर अमिता सिंह ने इन दोनों के खिलाफ फर्जी खबर फैलाने और शांति, सांप्रदायिक सौहार्द भंग करने की कोशिश तथा हिंसा भड़काने एवं परिसर में भेदभाव पैदा करने के आरोप में शिकायत दर्ज कराई है। सिंह ने इससे पहले विश्वविद्यालय के कुलपति को भी पत्र लिखा था और सूद पर खुद की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया था।

जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) सचिव ऐजाज अहमद राठेर ने दावा किया था कि शिकायतकर्ता प्रोफेसर अमिता सिंह ने 26 दिसंबर को उन्हें कहा था कि वह एक ऐसे आतंकवादी की तरह दिखते हैं जो 10 बम धमाके कर चुका है। अमिता जेएनयू में सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस में प्रोफेसर हैं। एक बयान में JNU के शिक्षक संघ (JNUTA) ने अमिता के इस कथित बयान के लिए उनकी आलोचना की थी और मामले में औपचारिक जांच की मांग की थी। वहीं, अमिता ने राठेर के आरोपों से साफ इनकार किया था।

अमिता के मुताबिक, उन्होंने सेंटर के बाहर खड़े कुछ लड़कों को सिगरेट पीते हुए देखकर उन्हें टोका था, और नाम पूछने पर जवाब देने की बजाय वहां से चले गए। वहीं, 29 दिसंबर को वीसी को लिखे पत्र में अमिता ने कहा, ‘जिन लोगों को मैं जानती भी नहीं, उन लोगों के द्वारा यह आरोप लगाना कि मैंने उन्हें आतंकी कहा, किसी सोची-समझी साजिश की तरफ इशारा करता है। यह राजधानी में चुनावों से ऐन पहले 'इस्लामोफोबिया' की बहस के द्वारा शांति, सांप्रदायिक सौहार्द भंग करने की कोशिश है।’ 

सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि राठेर और उनके साथियों ने उनके ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करते हुए धमकी भरे नारे लगाए थे। वहीं, राठेर ने यह तो स्वीकार किया कि उन्होंने सिंह के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया था, लेकिन धमकाने वाले नारे लगाने की बात से इनकार किया। राठेर ने दावा किया कि उन्होंने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ‘जेएनयू में जातिवाद और इस्लामोफोबिया नहीं चलेगा’ जैसे नारे लगाए थे।

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